सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व जज जस्टिस मदन बी लोकुर 18 जनवरी को पाकिस्तान के नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश आसिफ सईद खान खोसा के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए जाएंगे। 30 दिसंबर को सेवानिवृत्त हुए जस्टिस लोकुर ने कहा, 'मैं उन्हें पिछले एक दशक से जानता हूं। उस समय वह लाहौर उच्च न्यायालय में जज थे। वह एक बहुत ही विद्वान, मुखर और अच्छे इंसान हैं।'
जब जस्टिस लोकुर से पूछा गया कि क्या वह इसे एक असाधारण संकेत मानते हैं क्योंकि दोनों पड़ोसी देशों के बीच कुछ हाई-प्रोफाइल यात्राएं हो चुकी हैं। इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'न्याय कोई सीमाएं नहीं जानता है।' यह पहली बार नहीं है जब जस्टिस लोकुर पाकिस्तान में किसी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। वह उस समय भी पाकिस्तान में मौजूद थे जब पाकिस्तान के पूर्व जस्टिस तसद्दुक हुसैन जिलानी ने पांच साल पहले शपथ ली थी।
जस्टिस खोसा उन जजों में शामिल हैं जिन्हें कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ ने बर्खास्त कर दिया था। फरवरी 2016 में उनके नेतृत्व वाली तीन जजों की बेंच ने अपना फैसला देते हुए कहा था कि मुशर्रफ को पाकिस्तान के संविधान को नीचा दिखाने की वजह से देशद्रोह के आरोप में ट्रायल का सामना करना पड़ेगा।