पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल खत्म हो चुका है। कार्यकाल खत्म होने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह कयास तेज हो गए हैं कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी एक बार फिर कांग्रेस से जुड़ सकते हैं। इस बार वह कांग्रेस पार्टी के राजनीतिक सलाहकार बन सकते हैं। वहीं पूर्व राष्ट्रपति के परिवार ने इन सभी खबरों को अफवाह बताते हुए, इस बात से इनकार किया है कि वह वापस पार्टी से जुड़ेंगे।
यह कयास कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के एक बयान के बाद शुरू हुआ। जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रणब मुखर्जी कांग्रेस को राजनीतिक सलाह देना शुरू कर सकते हैं। अय्यर ने कहा था कि अगर प्रणब मुखर्जी चाहेंगे तो पार्टी में अहम रोल अदा कर सकते हैं।
उनका राजनीतिक अनुभव और बैद्धिक संपदा पार्टी के लिए हितकारी साबित होगा। उनका मार्गदर्शन आने वाले दिनों में पार्टी को राजनीतिक चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा। हालांकि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा ने इस बात का खंडन किया है। उन्होंने सक्रिय राजनीति में उनकी वापसी की बात से इनकार किया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शर्मिष्ठा ने बताया कि जब उन्होंने राष्टपति चुनाव में भाग लेने का सोचा था, तभी उन्होंने पार्टी की राजनीति छोड़ दी थी। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई पार्टी उनके पिता से राजनीतिक सलाह चाहते हैं तो वह जरूर मदद करेंगे, लेकिन वह पार्टी की सीमाओं के पार होंगे।