नोटबंदी पर सरकार की आलोचना करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अब रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की क्लास लेंगे। वह पटेल से जानने की कोशिश करेंगे कि सरकार ने किस वजह से नोटबंदी का कदम उठाने का निर्णय लिया है।
सूत्र बताते हैं कि नोटबंदी का सच जानने के लिए वित्त मामलों पर बनी संसद की समिति ने उर्जित पटेल को तलब करते हुए 22 दिसंबर को समिति के समक्ष उपस्थित रहने को कहा है।
बताया जा रहा है कि पटेल की ओर से समिति के समक्ष उपस्थित रहने की हामी हो गई है। उनके हामी के बाद समिति में शामिल विपक्षी दलों के सांसदों ने उनसे पूछे जाने वाले सवालों की तैयारी शुरू कर दी है।
वैसे पूर्व मंत्री वीरप्पा मोईली की अध्यक्षता वाली इस समिति में कांग्रेस पार्टी के मजबूत एवं कद्दावर नेता शामिल हैं, जबकि भाजपा की ओर से शामिल नेता विपक्ष के नेताओं के सामने सियासी कद में हल्के हैं।
कांग्रेस की ओर से इस समिति में मोईली के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया सरीखे नेता शामिल हैं, तो भाजपा की ओर से इस समिति में श्यामा चरण गुप्ता, अजय संचेती, गजेंद्र शेखावत और निशिकांत दूबे सरीखे सांसद हैं।