चीन को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर गठजोड़ बनाने और विरोध जताने से कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। पूर्व सुरक्षा सलाहकार और विदेश सचिव शिवशंकर मेनन के अनुसार चीन को यथास्थिति बदलने और किसी खुराफात से रोकने के लिए भारत को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी।
ऑनलाइन परिचर्चा के दौरान शनिवार को उन्होंने कहा कि चीन को उसकी हरकतों से रोकने के लिए विरोध जताने और अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ बनाने से फायदा नहीं होगा। भारत को वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अपनी ताकत बढ़ानी होगी ताकि पड़ोसी देश स्थितियों को अपने अनुकूल न बना सके।
मेनन ने कहा, मेरे अनुसार हमने अगस्त में पैगांग में जैसा आंशिक विरोध दिखाया, वैसा ही पूरे नियंत्रण रेखा पर रुख बनाए रखना होगा। बता दें, मेनन की हाल में ही पुस्तक ‘इंडियन एंड एशियन जियोपॉलिटिक्स: पास्ट प्रेजेंट एंड फ्यूचर’ प्रकाशित हुई है। उन्होंने भारतीय महिला प्रेस कॉर्प की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कहा कि इस पर विचार किया जाना चाहिए कि किस तरह से चीन के साथ आर्थिक गतिविधियों पर निर्भरता कम हो और एलएसी पर मजबूती बढ़ाई जाए।