मुंबई एनसीबी के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े ने कथित धोखाधड़ी वाले बार लाइसेंस के खिलाफ ठाणे पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी रद्द करने की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। इसके साथ ही वानखेड़े ने ठाणे कलेक्टर द्वारा रद्द किए गए बार लाइसेंस की बहाली की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में एक और याचिका दायर की है। इस मामले पर कल सुनवाई होगी। इस बीच ठाणे पुलिस ने वानखेड़े को समन भी किया है। उन्हें 23 फरवरी को संबंधित दस्तावेजों के साथ अपना बयान दर्ज कराने के लिए थाने आना होगा।
उम्र के बारे में दी गलत जानकारी
ठाणे के कोपारी थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक, वानखेड़े ने अपनी उम्र के बारे में गलतबयानी करके बार के लिए लाइसेंस प्राप्त किया था। 1996-97 में उनकी आयु 18 वर्ष से कम थी और वे लाइसेंस के लिए योग्य नहीं थे। इसके बावजूद, उन्होंने ठाणे के सद्गुरु होटल के लिए अपने अनुबंध में अधिक उम्र बताई थी।
क्यों रद्द हुआ था लाइसेंस
समीर वानखेड़े के सद्गुरु होटल के लिए 1997 में दायर लाइसेंस के आवेदन में उम्र को गलत तरीके से पेश किया था। ठाणे के आबकारी अधीक्षक और वानखेड़े के वकील को सुनने के बाद होटल के लाइसेंस को रद्द करने के लिए छह पेज का आदेश पारित किया था। इस बार को शराब की बिक्री की अनुमति दी गई थी।
क्यों हुई थी कार्रवाई
कलेक्टर की जांच में यह पाया गया कि वानखेड़े ने 27 अक्तूबर 1997 को होटल व बार का लाइसेंस प्राप्त किया था। लाइसेंस लेने के लिए 21 वर्ष की आयु की जरूरत थी, लेकिन वानखेड़े उस समय 18 वर्ष से भी कम उम्र के थे इसलिए उसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया।