सौराष्ट्र के प्रभावशाली नेताओं में से एक और गुजरात के पोरंबदर निर्वाचन से पूर्व सांसद विट्ठल रादडिया का सोमवार सुबह यहां अपने निवास पर निधन हो गया। वह 61 साल के थे और पिछले एक साल से बीमार चल रहे थे। उनके बेटे और गुजरात के पर्यटन मंत्री जयेश रादडिया ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर लोगों के अंतिम दर्शन के लिए मंगलवार को राजकोट जिले के जामखंडोरना के एक छात्रावास भवन में सुबह सात बजे से 12 बजे तक रहेगा। उन्होंने ट्वीट किया, ‘मंगलवार को अंतिम यात्रा जामखंडोरना में एक बजे उनके निवास से शुरू होगी।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘पोरबंदर के पूर्व सांसद विट्ठलभाई रादडिया के निधन का समाचार सुनकर दुख हुआ। गुजरात ने एक प्रभावशाली किसान नेता खो दिया है। वह सहकारिता, शिक्षा एवं राजनीति के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए सदैव याद किए जाएंगे। ईश्वर उनके परिवार के सदस्यों को इस क्षति को सहने की ताकत दें।’
मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने ट्वीट किया, ‘वरिष्ठ भाजपा नेता श्री विट्ठल भाई रादडिया के निधन की खबर सुनकर दुख पहुंचा। मैं उनके परिवार एवं मित्रों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता हूं। ओम शांति।’
सौराष्ट्र के किसानों के बीच मजबूत आधार वाले एवं गुजरात के सहकारिता क्षेत्र की अहम हस्ती रादडिया ने 1993 से धोराजी विधानसभा क्षेत्र का पांच बार प्रतिनिधित्व किया था। वह 2009 में कांग्रेस के टिकट पर पोरबंदर से लोकसभा के लिए चुने गए थे। 2013 में वह भाजपा में शामिल हो गए और उपचुनाव में फिर वह लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए।
रादडिया ने 2014 के आम चुनाव में अपनी सीट बचाए रखी। उन्होंने इफको के निदेशक और राजकोट जिला सहकारिता बैंक के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवा दी थी। वर्ष 2012 में तब वह विवादों में आए जब वडोडरा जिले के करजान में टोल प्लाजा पर पहचान पत्र दिखाने के लिए कहे जाने पर उन्होंने बंदूक निकाल ली थी।