महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे ने मंगलवार को आरोप लगाया कि उनके परिवार की अभी भी निगरानी हो रही है। एनसीपी (शपा) नेता ने यह भी पूछा कि क्या उनके और उनके परिवार के खिलाफ कोई और साजिश रची जा रही है। खडसे ने कहा कि उनकी बेटी के आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सादे कपड़ों में कुछ लोग मौजूद थे, जो खुद को पुलिसकर्मी बता रहे थे।
इस पर पुणे के पुलिस आयुक्त (सीपी) अमितेश कुमार ने कहा कि स्थानीय खुफिया शाखा के पुलिसकर्मियों का राजनीतिक दलों और संगठनों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होना आम बात है, और उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
खडसे ने एक्स पर एक पोस्ट की, जिसमें उन्होंने कहा, 'आज मैंने पुणे में अपनी बेटी के घर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पत्रकारों ने मुझे बताया कि कुछ अज्ञात लोग उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस में घुस आए थे। जब हमने उनसे पूछताछ की, तो उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया। क्या वे 10-12 लोग थे?'
ये भी पढ़ें: DGCA: एअर इंडिया विमानों में डीजीसीए को ऑडिट में 100 खामियां मिलीं, सात गंभीर श्रेणी कीं
जगदाले नाम के व्यक्ति ने भेजे थे लोग, पूछा- कौन है जगदाले
खडसे ने आगे कहा कि उन्होंने मेरी बात जगदाले नाम के एक अधिकारी से करवाई, जिसने स्वीकार किया कि उसने ही इन लोगों को भेजा था। यह जगदाले कौन है? उसके लोग मेरी बेटी के घर में इस तरह कैसे घुस आए? उन्हें इसकी इजाजत किसने दी? उनका मकसद क्या था? जगदाले का बॉस कौन है? हम इन सवालों के जवाब चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार पर निगरानी रखी जा रही है। यह सवाल मुझे परेशान करता है। अपने 35-40 साल के राजनीतिक जीवन में मैंने इतनी निम्न स्तर की राजनीति कभी नहीं देखी।
राजनीतिक दलों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में जाना नियमित प्रक्रिया: पुलिस आयुक्त
जगदाले के आरोपों पर पुणे के पुलिस आयुक्त कुमार ने कहा कि यह एक नियमित प्रक्रिया है, जो उस पुलिस थाने की स्थानीय खुफिया शाखा के कर्मियों द्वारा की जाती है, जहां वे राजनीतिक दलों और कुछ संगठनों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने जाते हैं।
पुलिस ने ड्रग पार्टी पर छापा मारकर पकड़ा था खडसे का दामाद
गौरतलब है कि पुणे पुलिस की अपराध शाखा ने रविवार तड़के खराड़ी इलाके में स्थित एक स्टूडियो अपार्टमेंट में चल रही ड्रग पार्टी पर छापा मारा, जिसमें खडसे के दामाद प्रांजल खेवलकर सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया गया और संदिग्ध कोकीन, मारिजुआना, हुक्का सेट और शराब की बोतलें जब्त की गईं।
ये भी पढ़ें: Bombay HC: बॉम्बे हाईकोर्ट का शिक्षक के खिलाफ मामला रद्द करने से इनकार, ऑपरेशन सिंदूर पर की थी गलत टिप्पणी
दामाद ने बताया- पुलिस ने दो-तीन बार किया था पीछा
खडसे ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि उनके दामाद ने उन्हें बताया था कि सादे कपड़ों में पुलिस ने दो-तीन बार उनका पीछा किया था। खडसे ने कहा, 'दामाद ने मुझे बताया कि उनके पास इस तरह के पीछा करने के कुछ वीडियो हैं। जब वह बाहर आएंगे, तो इस बारे में विस्तार से बताएंगे।'
पुलिस ने सादे कपड़ों में दामाद का किया पीछा
खडसे ने आगे कहा कि उनके दामाद का पुणे के वेस्टिन होटल में भी सादे कपड़ों में पुलिस ने पीछा किया था और छापेमारी के दौरान भी यही पुलिस मौजूद थी। उन्होंने पूछा, 'कथित छापेमारी के बाद पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करने में इतनी जल्दी की। वे हनी ट्रैप और दुष्कर्म के मामलों में शामिल प्रफुल लोढ़ा के बारे में जानकारी साझा करने में इतनी जल्दी क्यों नहीं दिखा रहे हैं?'