लोकसभा के पूर्व अध्यक्षों ने सोमवार को निर्वाचित प्रतिनिधियों से विधायिका की कार्यवाही के दौरान सावधानीपूर्वक शब्दों का चयन करने और सदन में मर्यादा का पालन करने का आग्रह किया। सुमित्रा महाजन, शिवराज पाटिल और मीरा कुमार ने सोमवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय विधायक सम्मेलन (National Legislators Conference) में हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में कम से कम 15 विधानसभाओं और विधान परिषदों के अध्यक्ष एवं सभापति शामिल हुए।
शब्दों के चयन पर जोर देते हुए महाजन ने कहा कि हाल के दिनों में विधायिकाओं ने सदस्यों के बीच कुछ अवांछित आदान-प्रदान देखा है। उन्होंने नेताओं से संयम बरतने को कहा। ऐसी ही भावनाएं व्यक्त करते हुए पाटिल ने कहा कि विधायक जनप्रतिनिधि होते हैं और यह उनका दायित्व है कि वे गरिमा व मर्यादा बनाए रखें, विशेषकर सदन के अंदर अपने आचरण में। सम्मेलन का आयोजन संयुक्त रूप से एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट, पुणे के सक्रिय समर्थन से विधायी निकायों, गैर-सरकारी संस्थानों और नागरिक संस्थाओं द्वारा किया गया था।
राज्यसभा की स्टैंडिंग समितियों का किया गया पुनर्गठन
राज्यसभा की स्टैंडिंग समितियों का पुनर्गठन किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश तीन समितियों के अध्यक्ष बनाए गए हैं। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी, रूल्स कमेटी और प्रिविलेज कमेटी की अध्यक्षता हरिवंश को दी गयी है। भाजपा के लक्ष्मीकांत वाजपेयी सबऑर्डिनेट लेजीस्लेशन कमेटी के अध्यक्ष होंगे। भाजपा के सी एम रमेश हाऊस कमेटी के अध्यक्ष बनाए गए हैं। प्रकाश जावड़ेकर एथिक्स कमेटी के अध्यक्ष होंगे। कमेटी ऑन पेपर्स लेड ऑन द टेबल के अध्यक्ष कामाख्या प्रसाद तासा होंगे। एआईएडीएमके के एम तंबी दुरै कमेटी ऑन गवर्नमेंट एश्योरेंस के अध्यक्ष होंगे। सुजीत कुमार कमेटी ऑन पिटीशन्स के अध्यक्ष होंगे। सभी समितियों में अध्यक्ष के अलावा 10 सदस्य होंगे।