भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के पूर्व चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट को पूरी तरह गलत और भ्रामक करार दिया है। सिद्धार्थ मोहंती ने कहा कि सरकार एलआईसी के निवेश निर्णयों में किसी भी तरह से हस्तक्षेप नहीं करती है। उन्होंने दावा किया कि वाशिंगटन पोस्ट की खबर से भ्रामक कहानी गढ़ने की कोशिश की जा रही है।
वाशिंगटन पोस्ट में एलआईसी को लेकर बड़ा दावा
दरअसल, भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी को लेकर वाशिंगटन पोस्ट ने एलआईसी पर अदाणी ग्रुप में 3.9 अरब डॉलर यानी करीब 33 हजार करोड़ रुपए निवेश करने का बड़ा आरोप लगाया है। जिस पर एलआईसी के पूर्व अध्यक्ष सिद्धार्थ मोहंती ने शनिवार को जोर देकर कहा कि सरकार एलआईसी के किसी भी निवेश निर्णय में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हस्तक्षेप नहीं करती।
एलआईसी के खिलाफ भ्रामक खबरें गढ़ी जा रही-मोहंती
एक्स पर एक पोस्ट में मोहंती ने वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों का जिक्र किया और प्रकाशन से सभी डिजिटल और प्रिंट प्लेटफॉर्म से उक्त असत्यापित सामग्री हटाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "वाशिंगटन पोस्ट द्वारा अदाणी समूह में एलआईसी के निवेश के खिलाफ कुछ भ्रामक खबरें गढ़ी जा रही हैं। पूर्व अध्यक्ष, सीईओ और एमडी के रूप में अपने अनुभव से मैं पुष्टि करता हूं कि सरकार एलआईसी के किसी भी निवेश निर्णय में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हस्तक्षेप नहीं करती है।"
उन्होंने आगे लिखा, "इसलिए मैं वाशिंगटन पोस्ट से आग्रह करता हूं कि वह उक्त असत्यापित सामग्री को सभी डिजिटल और प्रिंट प्लेटफॉर्म से हटा दे और एलआईसी के खिलाफ कोई भी असत्यापित आरोप प्रकाशित न करे।"
LIC ने आरोपों को झूठा और निराधार बताया
इससे पहले भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को झूठा और निराधार और सच्चाई से कोसों दूर बताया था। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि बीमा कंपनी के निवेश निर्णय बाहरी कारकों से प्रभावित होते हैं। वाशिंगटन पोस्ट ने दावा किया था कि भारतीय अधिकारियों ने एलआईसी से लगभग 3.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर (32,000 करोड़ रुपये) अदाणी समूह के स्वामित्व वाली कंपनियों में निवेश करने के लिए एक प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया था।
एलआईसी ने अपने खंडन में कहा, "लेख में जिस तरह का आरोप लगाया गया है, ऐसा कोई दस्तावेज या योजना एलआईसी द्वारा कभी तैयार नहीं की गई है, जो अडानी समूह की कंपनियों में एलआईसी द्वारा धन निवेश करने का रोडमैप तैयार करती हो।" एलआईसी ने कहा, "वित्तीय सेवा विभाग या किसी अन्य निकाय की ऐसे निर्णयों में कोई भूमिका नहीं होती है।" एलआईसी ने कहा कि वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्टिंग बीमा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए की गई थी।