के सिवन ने कहा, आखिरकार हमारी प्रार्थनाएं रंग लाईं। लैंडिंग के बाद हम वापस नहीं आये, रोवर लैंडर से बाहर आने तक मैं कंट्रोल रूम में ही बैठा रहा। यह देखने के बाद ही कि रोवर लैंडर से बाहर आया और चंद्रमा की सतह पर चला गया, मैं देर रात अपने घर वापस आ गया।
चंद्रयान-3 का लैंडर मॉड्यूल (एलएम) बुधवार शाम चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतर गया। इसके साथ ही भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश बन गया। चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर इसरो के पूर्व अध्यक्ष के सिवन ने खुशी जताई। उन्होंने गुरुवार को कहा, मैंने चंद्रयान-2 की लैंडिंग के दिन और कल की तुलना की। तो, निश्चित रूप से चंद्रमा पर जाने और दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने का मेरा सपना कल सच हो गया। इसलिए मुझे बेहद खुशी है कि कल ये सॉफ्ट लैंडिंग सफलतापूर्वक हो गई।
विज्ञापन
के सिवन ने आगे कहा, आखिरकार हमारी प्रार्थनाएं रंग लाईं। लैंडिंग के बाद हम वापस नहीं आये, रोवर लैंडर से बाहर आने तक मैं कंट्रोल रूम में ही बैठा रहा। यह देखने के बाद ही कि रोवर लैंडर से बाहर आया और चंद्रमा की सतह पर चला गया, मैं देर रात अपने घर वापस आ गया। उन्होंने कहा, "...चंद्रयान-2 में हुई एक छोटी सी त्रुटि के कारण हम सफलता हासिल नहीं कर सके थे। अन्यथा, हम यह सभी चीजें चार साल पहले ही हासिल कर सकते थे। अब, हम बहुत खुश हैं कि हमने त्रुटि से सीखा है और इसे ठीक किया... 2019 में ही हमने चंद्रयान-3 को कॉन्फिगर किया और क्या सुधार किया जाना है यह भी 2019 में ही तय किया गया था...कल हमने उस प्रयास का फल देखा।"