बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने मंगलवार को कहा कि चीफ जस्टिस के खिलाफ लगाए गए आरोपों के पीछे कुछ लोग हैं जो न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। काउंसिल ने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के जज के साथ खड़ी है।
बार काउंसिल के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि महिला की शिकायत पर पैनल ने चीफ जस्टिस को क्लीन चिट दे दी है। लिहाजा बार के तमाम सदस्यों को यह मामला यहीं खत्म कर देना चाहिए। उन्होंने कहा है कि यह अफसोसजनक है कि बिना आधार के इस मामले को उठाया गया।
सुप्रीम कोर्ट की इनहाउस जांच कमेटी ने सोमवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को यौन उत्पीड़न के आरोपों से क्लीन चिट दी थी। आरोप लगाने वाली महिला की शिकायत भी खारिज कर दी गई है। कमेटी ने कहा कि कोर्ट की पूर्व महिला कर्मचारी के आरोपों में दम नहीं है।
महिला द्वारा जांच से हटने के बाद एकपक्षीय सुनवाई करके तैयार यह रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल ने एक संक्षिप्त नोटिस जारी कर कहा था कि इनहाउस कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की कोई बाध्यता नहीं है।