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IPL के बाद अब होगा अफगानिस्तान प्रीमियर लीग, भारत के इस शहर में देखने को मिल सकता है रोमांच

Tue, 07 May 2019 11:28 PM IST
Rajeev Rai हेमंत रस्तोगी, नई दिल्ली
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अफगानिस्तान क्रिकेट - फोटो : file
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अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने भारत में अपना घरेलू मैदान बदलने की तैयारी कर ली है। बोर्ड देहरादून की जगह लखनऊ को अपना घरेलू मैदान बनाना चाहता है।

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अफगान बोर्ड इस संबंध में बीसीसीआई से 16 मई को बैठक करने जा रहा है। सिर्फ यही नहीं अफगान बोर्ड यह भी चाहता है कि उनके देश में कराई जा रही अफगानिस्तान प्रीमियर लीग आगे से भारत में कराई जाए। एसीबी के सीईओ असादुल्लाह खान ने अमर उजाला से खुलासा किया वह इन दोनों ही मुद्दों को बीसीसीआई के समक्ष रखने जा रहे हैं।

खान के मुताबिक उन्हें देहरादून के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से कोई समस्या नहीं है, लेकिन इस शहर में पांच सितारा होटल नहीं होने के चलते बड़ी टीमों के साथ द्वीपक्षीय श्रृंखला खेलने में दिक्कत आ रही है।

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वेस्टइंडीज, आस्ट्रेलिया के साथ श्रृंखला हैं वजह

खान का कहना है कि विश्व कप के बाद अफगानिस्तान को वेस्टइंडीज के साथ घरेलू श्रृंखला खेलनी है। बड़ी टीमें पांच सितारा होटल सुविधा की मांग करती हैं। देहरादून के नजदीक ऐसा कोई होटल नहीं है। फिर उनके 2021 के एफटीपी (भविष्य के कार्यक्रम) में वेस्टइंडीज और आस्ट्रेलिया के साथ घर में टी-20 त्रिकोणीय श्रृंखला निर्धारित है। ऐसे में पांच सितारा होटल की आवश्यकता होगी। 

लखनऊ में मिलेगा अपार समर्थन

सीईओ का कहना है कि अगर उन्हें कोलकाता मिल जाए तब भी ठीक रहेगा, लेकिन वह चाहते हैं कि उनका घरेलू मैदान लखनऊ बने। वहां पांच सितारा होटल के साथ अच्छा स्टेडियम भी है और सबसे बड़ी बात वहां बड़ी तादात में अपने लोग हैं। जिससे टीम को जबरदस्त समर्थन भी मिलेगा। बीसीसीआई के सामने वह लखनऊ का नाम प्रस्तावित करेंगे। उनकी बोर्ड के साथ बैठक पूर्व अफगान कोच लालचंद राजपूत ने तय कराई है।

भारत में अफगान लीग के लिए लगाएंगे जोर

खान यह भी साफ करते हैं कि बीसीसीआई की तरह अफगान बोर्ड के पास पैसा नहीं है। अफगानिस्तान प्रीमियर लीग अफगानिस्तान में अच्छी तरह चल रही है। वहीं कुछ स्टेडियम भी बनाए जा रहे हैं। लेकिन वह लीग को भारत में कराने के लिए बोर्ड के समक्ष पूरा जोर लगाएंगे।
दरअसल लीग के भारत में आने से एसीबी को कई बड़े भारतीय प्रायोजक मिल सकते हैं जिससे उसकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।
 
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क्रिकेट को बढ़ावा देता है तालिबान

खान खुलासा करते हैं कि चाहें सरकार हो या विपक्ष हर कोई अफगानिस्तान में क्रिकेट को पसंद करता है। फिर जब अफगानिस्तान ने आईसीसी की सदस्यता ग्रहण की थी तब तालिबान सरकार थी। तालिबानी भी अफगानी हैं और क्रिकेट को खूब सहयोग करते हैं। इस खेल को वह अपने देश में शांति के लिए भी प्रयोग कर सकते हैं।
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