महाराष्ट्र सरकार ने पूर्व आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह को राज्य की यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) समिति का सदस्य नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति रिटायर्ड बॉम्बे हाईकोर्ट जज जस्टिस आरसी चव्हाण के समिति से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद हुई है। हालांकि, सरकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि दोनों घटनाओं को एक-दूसरे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
जस्टिस रंजना देसाई की सिफारिश पर हुई नियुक्ति
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक, समिति की अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना देसाई ने शत्रुघ्न सिंह के नाम की सिफारिश की थी। सरकार ने इसे मंजूरी दे दी। शत्रुघ्न सिंह उत्तराखंड कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं। वह उत्तराखंड में यूसीसी के नियम बनाने और उसे लागू करने से जुड़े काम का नेतृत्व कर चुके हैं। खास बात यह है कि उन्होंने पहले जस्टिस रंजना देसाई के साथ उत्तराखंड की यूसीसी समिति में भी काम किया था।
जस्टिस आरसी चव्हाण ने क्यों दिया था इस्तीफा?
- महाराष्ट्र की यूसीसी समिति से रिटायर्ड बॉम्बे हाईकोर्ट जज जस्टिस आरसी चव्हाण ने हाल ही में इस्तीफा दिया था।
- उन्होंने सार्वजनिक सुझाव लेने के लिए तैयार किए जा रहे प्रश्नावली के तरीके को लेकर आपत्ति जताई थी।
- चव्हाण के मुताबिक, सामाजिक मुद्दों जैसे विवाह में देरी, वैवाहिक विवाद और दूसरे जटिल विषयों को केवल ‘हां’ या ‘नहीं’ जैसे विकल्पों तक सीमित करना उचित नहीं है।
- उनका मानना था कि लोगों को अपने विचार विस्तार से रखने का मौका मिलना चाहिए।
- उन्होंने समिति की बैठक में एक ऐसे व्यक्ति की मौजूदगी का भी उल्लेख किया था, जो उस समय औपचारिक रूप से समिति का सदस्य नहीं था।
महाराष्ट्र में जुलाई में बनी थी UCC समिति
महाराष्ट्र सरकार ने जुलाई 2026 में रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति बनाई थी। समिति को राज्य में यूसीसी लागू करने के लिए कानूनी, सामाजिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करनी है। समिति को रिपोर्ट देने के लिए छह महीने का समय दिया गया है। इसमें दूसरे राज्यों में यूसीसी लागू करने के अनुभव का भी अध्ययन किया जा रहा है।
कौन-कौन हैं समिति के सदस्य?
शत्रुघ्न सिंह के अलावा समिति में रिटायर्ड बॉम्बे हाईकोर्ट जज एसजी मेहरे, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य सचिव डीके जैन, पूर्व एडवोकेट जनरल बिरेंद्र सराफ, संवैधानिक विशेषज्ञ रमेश पतंगे और शिक्षा विशेषज्ञ सुवर्णा रावल शामिल हैं।
दिसंबर में विधानसभा में आ सकता है UCC बिल
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार यूसीसी को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। सरकार की योजना विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में यूसीसी से जुड़ा विधेयक पेश करने की है।
यूसीसी का उद्देश्य व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े कुछ मामलों, जैसे विवाह, तलाक, विरासत और उत्तराधिकार, के लिए समान कानूनी व्यवस्था तैयार करना है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां यूसीसी जनवरी 2025 में लागू हुआ था। गुजरात, असम और मध्य प्रदेश की विधानसभाएं भी यूसीसी से जुड़े विधेयक पारित कर चुकी हैं।