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एके एंटनी: पूर्व रक्षा मंत्री ने राजनीति के बाद दिल्ली को भी कहा अलविदा, गृह राज्य केरल के तिरुवनंतपुरम में रहेंगे

Thu, 28 Apr 2022 06:22 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी 52 सालों से राजनीति में सक्रिय हैं। एंटनी 1970 में पहली बार विधायक बने और 37 साल की उम्र में पहली बार मुख्यमंत्री बन गए थे। एंटनी तीन बार केरल के मुख्यमंत्री रहे। कांग्रेस कार्यसमिति के अलावा पार्टी की लगभग सभी महत्वपूर्ण समितियों में शामिल रहे।
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पूर्व रक्षा मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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पूर्व रक्षा मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी की एक महीने पहले खुद को राजनीति से अलग करने की घोषणा के बाद बुधवार को उन्होंने दिल्ली के राजनीतिक गलियारों को भी अलविदा कह दिया। 81 साल के एंटनी ने राजनीति से संन्यास लेने का फैसला किया है। राज्यसभा के सदस्य के तौर पर दो अप्रैल को उनका कार्यकाल पूरा हो गया।

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एंटनी ने अपने इस फैसले की जानकारी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र भेज कर दी थी। उस पत्र में उन्होंने खुद के दिल्ली से केरल शिफ्ट होने और उनके स्थान पर अगली पीढ़ी को राज्यसभा भेजने का आग्रह किया था। उन्होंने अब चुनाव नहीं लड़ने की बात भी पत्र में लिखी थी। एंटनी दिल्ली से लौटकर अपने गृह राज्य केरल के तिरुवनंतपुरम में रहेंगे। 

वह 52 सालों से राजनीति में सक्रिय हैं। एंटनी 1970 में पहली बार विधायक बने और 37 साल की उम्र में पहली बार मुख्यमंत्री बन गए थे। एंटनी तीन बार केरल के मुख्यमंत्री रहे। कांग्रेस कार्यसमिति के अलावा पार्टी की लगभग सभी महत्वपूर्ण समितियों में शामिल रहे। तमाम मुद्दों पर उनकी राय को पार्टी ने महत्व दिया। 
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2024 में लौटेगी कांग्रेस 
उन्होंने कहा, कांग्रेस जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए रोडमैप बना रही है। मुझे पूरा विश्वास है कि 2024 के आम चुनाव में यह सत्ता में लौटेगी। कांग्रेस के बिना दिल्ली में सत्ता बदलने की आप सोच भी नहीं सकते। 

आज की स्थिति बहुत कष्टकारी 
दिल्ली और अन्य क्षेत्रों में सांप्रदायिक हिंसा के बारे में एंटनी ने कहा कि अभी के हालात बहुत खराब और कष्टकारी है। भारत में सभी धर्म और जाति के लोग सौहार्द के साथ रहते हैं। विविधता में एकता का वातावरण खतरे में है। हर क्षेत्र में समानता का कानून लागू करना खतरनाक है। विविधता में एकता ही भारत की एकता का असली सुरक्षा कवच है। 

नेहरू-गांधी परिवार के बिना कांग्रेस का वजूद नहीं 
एंटनी ने फिर दोहराया कि कांग्रेस का वजूद नेहरू-गांधी परिवार के बिना नहीं हो सकता। भारतीय राजनीति में कांग्रेस के बगैर विपक्ष का भी कोई अस्तित्व नहीं है। 2024 में सत्ता परिवर्तन का ख्वाब देखने वालों को कांग्रेस की मुख्य भूमिका स्वीकारनी होगी।

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