पिछले 12 सालों से पेप्सिको की सीईओ रहीं इंदिरा नूयी ने बुधवार को अपना छोड़ दिया। वह पिछले 24 साल से इस कंपनी से जुड़ी हैं और साल 2006 में वो कंपनी की पहली महिला सीईओ बनी थीं। हालांकि वो 2019 तक कंपनी की चेयरमैन बनी रहेंगी।
पेप्सिको ने अगस्त महीने में ही ये घोषणा की थी कि कंपनी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) इंद्रा नूयी तीन अक्तूबर को अपना पद छोड़ेंगी और उसी समय कंपनी के अध्यक्ष रामोन लागुआर्ता को निदेशक मंडल ने नूयी का उत्तराधिकारी भी चुन लिया गया था। लागुआर्ता को कंपनी के निदेशक मंडल में भी शामिल किया गया है।
बुधवार को नूयी ने कंपनी की ओर से आयोजित एक संबोधन में कहा कि अभी मेरे अंदर काफी उर्जा बची है और आने वाले समय में कुछ अलग करना चाहती हैं। साथ ही अपने परिवार को भी समय देना चाहती हूं।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा 'पेप्सिको के सीईओ के रूप में मैंने 12 साल का लंबा समय दिया है और आज भी मेरे अंदर काफी ऊर्जा है, लेकिन मैं अगली पीढ़ी को भी इस महान कंपनी की अगुवाई का मौका देना चाहती हूं। मैं बहुत खुशनसीब हूं कि मुझे इस कंपनी में नेतृत्व का मौका मिला। मौजूदा निदेशक मंडल, कार्यकारी और सहयोगी, शेयरधारकों और अन्य संबंधित पक्षों समेत बेहतरीन लोगों के साथ काम करना मेरे लिए गर्व की बात रही है।'
साथ ही उन्होंने ये भी कहा '2006-17 के बीच लॉन्ग टर्म बिजनेस मैनेजमेंट की मदद से कंपनी ने लगातार और शानदार वित्तीय नतीजे दिए हैं। इस दौरान कंपनी के राजस्व में 80 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। साथ ही कंपनी ने दुनियाभर के समुदायों के विकास में सकारात्मक योगदान दिया है। इनमें पीने का साफ पानी, मानवाधिकार, पोषण, खेती से जुड़े कार्यक्रम और ऐसी कई पहल शामिल हैं।'
उन्होंने कहा कि हमें घटनाओं को अपने मुताबिक बदलना चाहिए, बजाय इस बात का इंतजार किए कि ये हमें बदल दें। अपने संबोधन के दौरान वो कई बार भावुक भी हुईं। उन्होंने कहा कि पेप्सिको परिवार के रूप में आप सभी की मेरे दिल में खास जगह है। जिस दिन मैंने पद से हटने की घोषणा की थी, तब से आज तक दुनियाभर में कई साथियों से बात हुई, उनके ढेर सारे संदेश भी मिले। हालांकि वक्त की कमी के चलते सबको जवाब देना संभव नहीं है, लेकिन मैंने हर संदेश को पढ़ा है और कुछ तो भरी आंखों के साथ। मैं शब्दों में नहीं बता सकती कि यह मेरे लिए कितना अहम है। आप लोगों का गहरा प्यार पाकर मैं अभिभूत हूं। इतना प्यार देने के लिए आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।