भारतीय जनता पार्टी नेता और अधिवक्ता पीताबास पांडा के हत्या मामले में ओडिशा पुलिस ने बुधवार (22 अक्तूबर) को बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पीताबास पांडा हत्या के आरोप में बरहामपुर के पूर्व विधायक और बीजू जनता दल (बीजद) की गंजाम इकाई के जिला अध्यक्ष बिक्रम पांडा समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसी के साथ हत्या के पीछे की वजह का भी खुलासा किया है।
बरहामपुर के पुलिस अधीक्षक सरवन विवेक एम के अनुसार पुलिस जांच में हत्या के पीछे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता, व्यक्तिगत दुश्मनी और आर्थिक नुकसान की वजहें सामने आई है। इधर, बीजद ने बिक्रम पांडा और पार्टी के दो अन्य नेताओं की गिरफ्तारियों की आलोचना करते हुए उन्हें "राजनीति से प्रेरित" बताया।
पुलिस अधीक्षक सरवन विवेक एम ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में बरहामपुर के पूर्व मेयर सिबा शंकर दास उर्फ पिंटू दास, पार्षद मलय बिसोई, छात्र नेता मदन दलेई, दो शार्पशूटर, एक स्थानीय शूटर और अधिवक्ता पर नजर रखने वाला एक व्यक्ति शामिल है।
घर के पास मारी थी गोली, 50 लाख में सौदा
वरिष्ठ अधिवक्ता और ओडिशा राज्य बार काउंसिल के सदस्य पीताबास पांडा की छह अक्टूबर को ब्रह्मनगर स्थित उनके आवास के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस पूरे मामले में एसपी ने कहा, "पीताबास पांडा की हत्या के लिए 50 लाख रुपये का सौदा हुआ था, जिसमें से 10 लाख रुपये गोली चलाने वाले को दिए गए थे।" उन्होंने आगे बताया कि बिक्रम पांडा ने पीताबास पांडा की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार जब्त कर लिया है।
बिहार के दो शूटरों को सौंपा था काम
एसपी ने कहा, "हत्यारे की पहचान कुरुपति भुइयां के रूप में हुई है, जिसने पीड़ित को 'नमस्ते' कहा और पिस्तौल से गोली चलाने से पहले अपनी पहचान बताई। चिंटू प्रधान नाम का एक व्यक्ति बाइक चला रहा था और अपराध को अंजाम देने के बाद वे फरार हो गए।" उन्होंने बताया कि पीताबास पांडा की हत्या की योजना 24 सितंबर को बिहार के दो अपराधियों ने बनाई थी, लेकिन किसी कारणवश इसे अंजाम नहीं दिया जा सका।
14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा
एसपी ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में जांचकर्ताओं ने 80 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की और 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की क्लिप देखीं। उन्होंने आगे बताया कि पुलिस ने बिक्रम पांडा और अन्य को कड़ी सुरक्षा के बीच बरहामपुर कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।