देश का विदेशी मुद्रा भंडार 21 अक्तूबर को समाप्त सप्ताह में 3.85 अरब डॉलर घटकर 524.52 अरब डॉलर रह गया। यह जुलाई, 2020 के बाद विदेशी मुद्रा भंडार का दो साल का निचला स्तर है।
आरबीआई के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान विदेशी मुद्रा संपत्ति (एफसीए) 3.593 अरब डॉलर घटकर 465.075 अरब डॉलर रह गई। देश का सोने का भंडार भी 24.7 करोड़ डॉलर कम होकर 37.206 अरब डॉलर रह गया। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में जमा भारत का रिजर्व भी 1.4 करोड़ डॉलर कम होकर 4.799 अरब डॉलर रह गया।
पिछले अक्तूबर में रिकॉर्ड 645 अरब डॉलर था भंडार
देश का विदेशी मुद्रा भंडार पिछले साल अक्तूबर में रिकॉर्ड 645 अरब डॉलर था। आंकड़ों के मुताबिक, एक अप्रैल, 2022 से 30 सितंबर के बीच भारत ने 85 अरब डॉलर बेचा है। इस दौरान चीन ने 159 अरब डॉलर की बिक्री की है, जो दुनिया में सर्वाधिक है।
चालू वित्त वर्ष में 2 लाख करोड़ ज्यादा हो सकता है कर संग्रह
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष में देश का कर संग्रह अपने लक्ष्य से दो लाख करोड़ रुपये ज्यादा होने का अनुमान है। सरकारी अधिकारियों ने बताया, सब्सिडी पर भारी खर्च के बावजूद मजबूत राजस्व की प्राप्तियां सरकार को जीडीपी की तुलना में बजट घाटे को 6.4 फीसदी के भीतर रखने में भी मदद कर सकती हैं।
अधिकारियों ने कहा, कर चोरी रोकने के उपाय से 19.34 लाख करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले राजस्व बढ़ाने में मदद मिल रही है। अप्रत्याशित लाभ कर से 400 अरब तक अतिरिक्त रकम जुटाई जा सकती है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कंपनी से संबंधित कर धोखाधड़ी मामले की जांच के लिए तीन दिन के अंदर 12 न्यायाधीशों की पीठ का गठन कर दिया गया है। मामले के कुछ आरोपी इससे हैरान हैं, क्योंकि उन्हें लगता था कि निष्पक्ष पीठ का गठन होने में कम से कम एक सप्ताह लग सकता है।
बृहस्पतिवार देर शाम पांच जजों को पीठ में शामिल किया गया। मंगलवार को सात न्यायाधीश पीठ का हिस्सा बने थे। छह वैकल्पिक न्यायाधीशों को अभी पीठ में शामिल किया जाना है। यह प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है। आरोप है कि ‘ट्रंप ऑर्गनाजेशन’ ने अपने वेतन के अतिरिक्त मिली धनराशि पर आयकर बचाने में कुछ शीर्ष कार्यकारी अधिकारियों की मदद की। ट्रंप इस मुकदमे में शामिल नहीं हैं और न ही उनके गवाही देने की संभावना है।
अमेरिका के एक मकान में आग से 8 की मौत, हत्या का शक
अमेरिका के टुल्सा क्षेत्र में एक मकान में आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई। पुलिस हत्या के कोण से इस मामले की जांच कर रही है। दक्षिण-पूर्वी टुल्सा से 20 किलोमीटर दूर ओकलाहोमा के एक रिहायशी इलाके ब्रोकन एरो में बृहस्पतिवार देर शाम आग लगने की सूचना मिली। पुलिस को संदेह है कि यह आग हत्या के इरादे से लगाई गई।
पुलिस इस मामले में जांच कर रही है लेकिन उसे इस घटना से आम लोगों को खतरे की कोई आशंका दिखाई नहीं देती है। पुलिस प्रवक्ता इथान हटचिन्स ने बताया कि अपराध स्थल का दृश्य जटिल है, इस मकान में आठ लोगों का परिवार रहता था, जिसमें दो वयस्क और छह बच्चे शामिल थे, लेकिन मृतकों की ठीक तरीके से शिनाख्त नहीं हो पाई है।
स्थानीय महिला कैटलिन पावर्स के मुताबिक, उन्होंने मकान की छत से धुआं निकलते देखा। दो पुरुष और एक महिला मकान के सामने खड़े थे। एक अन्य व्यक्ति सामने के दरवाजे से एक महिला को घसीटकर बाहर लाते हुए दिखा था और वह महिला अचेत नजर आ रही थी।
‘अपलिंकिंग’ नियंत्रण से मुक्त होंगे उपग्रह टेलीविजन चैनल
केंद्र सरकार ने कहा है कि वह एक महीने में उपग्रह टेलीविजन चैनलों की ‘अपलिंकिंग’ को नियंत्रण-मुक्त कर देगी। सरकार के इस कदम का मकसद भारत को ‘अपलिंकिंग’ का प्रमुख केंद्र बनाना है।
उपग्रह दूरसंचार में अपलिंक किसी ग्राउंड स्टेशन से एक उपग्रह तक की कड़ी है। दूसरी ओर डाउनलिंक एक उपग्रह से नीचे एक या अधिक ग्राउंड स्टेशनों के बीच की कड़ी है। सूचना एवं प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्र ने शुक्रवार को कार्यक्रम में कहा कि देश में 898 टेलीविजन प्रसारणकर्ताओं में से 532 चैनल अपनी सेवाओं की ‘अपलिंकिंग’ और ‘डाउनलिंकिंग’ के लिए विदेशी उपग्रहों का उपयोग करते हैं।
चंद्र ने कहा, हम उपग्रहों की अपलिंकिंग को नियंत्रण मुक्त करना चाहते हैं ताकि भारत इस क्षेत्र में एक केंद्र के तौर पर उभर सके। उन्होंने कहा कि अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग दिशानिर्देश पिछली बार 2011 में जारी किए गए थे और उन्हें संशोधित करने की प्रक्रिया चल रही है।
केंद्रीय सचिवालय सेवा कैडर के पुनर्गठन के लिए समिति गठित
सरकार ने केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) कैडर के पुनर्गठन के लिए एक समिति गठित की है। यह समिति सीएसएस के अधिकारियों की सेवा की दक्षता बढ़ाने और क्षमता निर्माण के लिए सुझाव देगी। केंद्रीय सचिवालय के कामकाज में इस कैडर के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के एक आदेश के मुताबिक, कमेटी सीएसएस अधिकारियों के कॅरिअर के दौरान वर्तमान व भविष्य में आगे बढ़ने का आकलन करेगी और जरूरी उपाय सुझाएगी।
ऊषा उत्थुप ने जारी किया नया बांग्ला गीत ‘मोन मंचे ना आर’
गायिका ऊषा उत्थुप ने अपना नया एकल गीत ‘मोन मंचे ना आर’ जारी किया है। यह गीत पुरानी यादों में डूबी एक प्रेम कहानी की काव्यात्मक अभिव्यक्ति है। गीतकार राजीव दत्ता व संगीत सुवाजीत रे ने दिया है। इसे कोलकाता में आईएनआरईसीओ व हिंदुस्तान रिकॉर्ड ने जारी किया है। ऊषा ने इससे पहले 1978 में आईएनआरईसीओ व हिंदुस्तान रिकॉर्ड के लिए पहला बांग्ला गीत ‘अहा तुमी सुंदरी कोतो कोलकत्ता’ गाया था।