प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस वर्ष के सम्मेलन का विषय गेटवे टू द फ्यूचर है। 10 से 12 जनवरी तक सम्मेलन के 10वें संस्करण का आयोजन होगा। सम्मेलन को लेकर विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में 35 देश शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि सम्मेलम में शामिल होने वाले देशों की वास्तविक संख्या 35 है। उन्होंने कहा कि रूस वाइब्रेंट गुजरात के 35 भागीदार देशों में से एक है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में वाइब्रेंट गुजरात भारत के आर्थिक पुनरुत्थान का पर्याय बना
विनय क्वात्रा ने वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन को लेकर प्रेस कांफ्रेस में कहा कि यह 'अमृत काल' में पहला वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन है। 10वें वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन में कई राष्ट्राध्यक्षों और बड़ी संख्या में भागीदार देशों के कई मंत्रियों की उपस्थिति स्पष्ट रूप से इस बात का संकेत है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में वाइब्रेंट गुजरात भारत के आर्थिक पुनरुत्थान का पर्याय बन गया है।
इससे पहले, सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को विकसित बनाने का हमारा लक्ष्य है, आपके सपने ही मोदी का संकल्प है। आज तेजी से बदलते हुए वर्ल्ड ऑर्डर में भारत विश्वमित्र की भूमिका में आगे बढ़ रहा है। आज भारत ने विश्व को ये भरोसा दिया है कि हम साझा लक्ष्य तय कर सकते हैं, अपने लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। विश्व कल्याण के लिए भारत की प्रतिबद्धता, निष्ठा, प्रयास और भारत का परिश्रम आज की दुनिया को ज्यादा सुरक्षित और समृद्ध बना रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि आज भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि 10 साल पहले भारत 11वें स्थान पर था। आज दुनिया की हर प्रमुख रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि भारत अगले कुछ वर्षों में दुनिया की टॉप 3 इकोनॉमी में जाएगा। एक ऐसे समय में जब विश्व अनेक अनिश्चितताओं से घिरा हुआ है। तब भारत दुनिया में विश्वास की एक नई किरण बनकर उभरा है।
गौरतलब है कि सम्मेलन में 35 देश और 16 संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और राज्यपाल आचार्य देवव्रत भी शामिल हुए।