मोदी सरकार में पूर्व विदेश सचिव और राजनयिक रहे सुब्रमण्यम जयशंकर को विदेश मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यभार संभालने के बाद अपने पहले ट्वीट में उन्होंने पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की तारीफ करते हुए उनके नक्शेकदम पर चलने की बात कही। मोदी कैबिनेट में उनका शामिल होना सभी के लिए चौंकाने वाला था।
पूर्व विदेश सचिव को विदेश मंत्री बनाया जाना दिखाता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने विशेषज्ञ को वरीयता दी है। बता दें कि विदेश नीति में माहिर जयशंकर की पहचान चीन विशेषज्ञ के तौर पर रही है। वह अमेरिका, चीन और आसियान देशों के साथ कूटनीतिक वार्ताओं का हिस्सा रहे हैं और उन्हें प्रधानमंत्री मोदी का करीबी भी कहा जाता है। उनका जन्म 15 जनवरी 1957 को दिल्ली में हुआ था। वह जाने-माने इतिहासकार संजय सुब्रह्मण्यम के भाई हैं। उनके एक भाई एस विजय कुमार भी ग्रामीण विकास सचिव रह चुके हैं।
एस जयशंकर और प्रधानमंत्री मोदी की पुरानी जान-पहचान बताई जाती है। तब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि गुजरात के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। 2012 में जब मोदी चीन गए थे, उसी दौरान जयशंकर उनसे मिले थे। खबरों के अनुसार, मनमोहन सिंह 2013 में ही उन्हें विदेश सचिव बनाना चाहते थे, लेकिन नहीं बना पाए और सुजाता सिंह को विदेश सचिव बनाया गया। नरेंद्र मोदी जब प्रधानमंत्री बने तो एस जयशंकर को विदेश सचिव बनाया। जयशंकर जनवरी 2015 से जनवरी 2018 तक विदेश सचिव रहे।