फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PM Vishwakarma Yojana: 'कारीगरों-शिल्पकारों को समर्पित है योजना'; विदेश मंत्री जयशंकर ने बताईं खूबियां

Sun, 17 Sep 2023 06:19 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

तिरुवनंतपुरम में भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान के छात्रों से विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने बातचीत की। उन्होंने बातचीत के दौरान छात्रों को शिल्पकारों व कारीगरों को समर्पित प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की खूबियां बताई।
विज्ञापन
S Jaishankar - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तिरुवनंतपुरम में भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान के छात्रों को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने संबोधित किया। अपने संबोधन में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, आज विश्वकर्मा दिवस है। यह एक ऐसा दिन है, जब हम उन लोगों को पहचानते हैं और उनका सम्मान करते हैं। जिन्होंने सदियों से इस परंपरा को कायम रखा है।

विज्ञापन


कारीगरों और शिल्पकारों को होगा फायदा
छात्रों को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने 'प्रधानमंत्री विश्वकर्मा' योजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा, आज योजना की शुरुआत हुई है। जिसके तहत 18 कारीगरों,शिल्पकारों को उनके उपकरणों के आधुनिकीकरण के लिए सहायता देंगे। छात्रों के बीच पहुंचकर विदेश मंत्री जयशंकर ने 'प्रधानमंत्री विश्वकर्मा' योजना की खूबियां बताई। उन्होंने कहा, ऋण प्रदान करना,आधुनिक बाजारों तक पहुंच, ब्रांड प्रचार प्रसार में मदद जैसी सहायता प्रदान की जायेंगी।

इस दौरान जयशंकर ने कहा कि कई देशों में वैश्वीकरण, औद्योगीकरण के कारण समय के साथ पारंपरिक कौशल और प्रतिभाएं लुप्त हो गई। लोग अपनी परंपराओं को भूल गए और उन्हें अगली पीढ़ी तक नहीं पहुंचाया जा सका। भारत के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। भारत सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है और इसकी पहचान यहां के लोगों की हजारों वर्षों से विरासत में मिली परंपराएं और संस्कृति हैं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा, आज हम यहां भारत की पहचान, विरासत और संस्कृति को मजबूत करने के लिए जुटे हैं। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमने हजारों वर्षों में जो हासिल किया है, वह हजारों वर्षों तक सतत जारी रहे। जयशंकर ने कहा, इसलिए जब हम भारत के बारे में बात करते हैं, तो यही सब भारत है।

इंडिया का नाम बदलकर भारत करने को लेकर देश में चल रही बहस के बीच यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है। विदेश मंत्री ने कहा कि जिन कारीगरों और शिल्पकार समुदाय को 'विश्वकर्मा' कहा जाता है, वे वहीं हैं जिन्होंने अपनी रचनात्मकता, विचारों और कर्म के माध्यम से इतिहास में हमारी संस्कृति की छाप छोड़ी। जयशंकर ने कहा कि इसी को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में जी-20 की बैठक के दौरान भारतीय कारीगरों और शिल्पकारों के तैयार किए आभूषणों, मूर्तियों, बर्तनों, कपड़ों और लिपियों की प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी को विदेशी मेहमानों ने काफी पसंद किया।

गौरतलब है कि पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोग बड़े पैमाने पर अन्य पिछड़ा वर्ग से आते हैं। 13,000 करोड़ रुपये की 'विश्वकर्मा' योजना को राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण वर्ग तक सत्तारूढ़ भाजपा की पहुंच के रूप में भी देखा जा रहा है।

क्या है ये योजना
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के मौके पर प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना का शुभारंभ किया। बता दें कि भारत सरकार ने इस योजना का एलान वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश करते हुए किया था। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना को खासतौर पर देश के शिल्पकारों और कारीगरों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए शुरू किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत वित्त वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक 13 हजार करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान किया गया है। इस स्कीम का सीधा लाभ देश के 30 लाख से ज्यादा पारंपरिक कारीगरों को मिलेगा। इस स्कीम के तहत सरकार देश के शिल्पकारों और कारीगरों को विकास की मुख्यधारा के साथ जोड़ना चाहती है। वित्त मंत्रालय के अनुसार योजना के अंतर्गत सरकार लाभार्थियों को 15 हजार रुपये टूलकिट प्रोत्साहन भी प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना के तहद देश में स्वरोजगार के क्षेत्र में उन्नति देखने को मिलेगी। इस स्कीम के तहत कारीगरों और शिल्पकारों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें