मंगलवार तड़के भारतीय वायुसेना के 20 मिराज लड़ाकू विमानों ने न केवल नियंत्रण रेखा पार की बल्कि उन्होंने कई स्थानों पर मौजूद आतंकी कैंपों को भी तबाह करने का काम किया। यह कदम पुलवामा में हुए आतंकी हमले का बाद उठाया गया है। इस घटना के बारे में पड़ोसी देशों सहित पूरी दुनिया में चर्चा है। यही वजह है कि भारत ने कई देशों को इस हमले की जानकारी दी है।
विदेश सचिव विजय गोखले ने नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, तुर्की, चीन सहित 6 आसियान देशों के राजनयिकों को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वां के बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी संगठनों पर हमले की जानकारी दी।
पुलवामा हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में स्थित आतंकियों के कई लांच पैड्स पर हवाई हमले किए। जिसमें जेईएम के नियंत्रण कक्ष और अन्य आतंकी ढांचों को नष्ट कर दिया गया। यह आतंकी ठिकाने पीओके के बालाकोट, चकोटी औऱ मुजफ्फराबाद में स्थित थे। इस अभियान को 12 मिराज विमानों ने अंजाम दिया।
हवाई हमले के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश सचिव ने कहा कि सीमापार पाकिस्तान स्थित बालाकोट में आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने को निशाना बनाया। इस हमले में बड़ी संख्या में आतंकवादी, प्रशिक्षक, शीर्ष कमांडर और जिहादी मारे गए। इस अभियान में मारे गए आतंकियों में जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर का रिश्तेदार युसूफ अजहर भी शामिल है।
गोखले ने बताया कि, भारत सरकार आतंकवाद रूपी बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया, 'विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी कि 12 दिन पहले पुलवामा हमले को अंजाम देने के बाद जैश-ए-मोहम्मद भारत में एक और आत्मघाती आतंकी हमला करने की साजिश रच रहा है।'
गोखले ने बताया कि भारतीय वायु सेना के मंगलवार सुबह चलाए गए अभियान में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया गया। इस शिविर का नेतृत्व मौलाना यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी कर रहा था, जो जैश प्रमुख मसूद अजहर का रिश्तेदार था।