सेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने सेना को सीमा पर परंपरागत युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा है। उन्होंने बृहस्पतिवार को कहा सेना को तुरंत आधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस किया जाना चाहिए। जनरल रावत ने कहा कि हमें इस ओर ध्यान देना होगा कि सेना में ट्रायल प्रक्रिया बहुत लंबी न खिंचे।
सेना प्रमुख ने किसी देश का नाम लिए बिना कहा कि भारत को अभी परंपरागत और गैर परंपरागत दोनों तरह की जंग का सामना करना पड़ेगा। इस चुनौती के लिए सेना को तैयार रहना पड़ेगा। जनरल रावत ने दो दिवसीय सैन्य संचार सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सशस्त्र सेनाओं को देश की सीमा पर परंपरागत युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने सेना के लिए नवीनतम टेक्नोलॉजी पर भी बल दिया और इसमें जल्दी करने को कहा ताकि उसे सेना में शामिल करते ही वह व्यर्थ न हो जाए। रावत ने कहा कि सीमा पर युद्ध के लिए संचार तकनीक आसान और हल्की होना चाहिए और इसका रखरखाव आसान होना चाहिए। इस अवसर पर रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे ने कहा कि सरकार सेना की सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। सूचना प्रौद्योगिकी से इसे और बल मिलेगा।