आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मोलाना मसूद अजहर पर यूएन बैन लगाने के लिए भारत, चीन पर दबाव बनाने की तैयारी कर रहा है। भारत अब चीन पर मल्टी-लेटरल फोरम के जरिए चीन पर दबाव बनाना चाहता है। बता दें कि भारत जब भी अजहर पर यूएन के बैन की बात रखता है, चीन उसे नकार देता है।
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक भारत ने कहा था कि इससे पहले 18 मई को हुई ब्रिक्स मीटिंग में चीन ने अजहर पर बैन के प्रस्ताव का विरोध किया था। दरअसल, भारत, अजहर को यूएन की ब्लैक्लिस्ट में लाना चाहता है, ताकि विदेश यात्राओं समेत प्रोपर्टी को जब्त करते हुए उस पर शिकंजा कसा जा सके।
भारत की ओर से अमेरिका ने पिछले साल अजहर के यूएन के मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की लिस्ट में लाने की बात उठाई थी, लेकिन वीटो पावर की मदद से चीन ने उस प्रस्ताव को वहीं दबा दिया। ये प्रस्वात पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की सरकार की ओर से यून में लाया गया था, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप के आने के बाद ये ठंडे बस्ते में चला गया है।
बता दें कि पिछले साल पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के पीछे कथित तौर पर अजहर ही जिम्मेदार है और भारत उसकी लंबे समय से गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।