सुप्रीम कोर्ट में लाइव प्रसारण
- फोटो : ANI
Supreme Court Live Streaming: भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जनता के देखने के लिए यूट्यूब पर अपनी कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया। कार्यवाही को आठ लाख से अधिक दर्शकों ने देखा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि यह कदम दूरी की बाधाओं को दूर करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा और देश के कोने-कोने से नागरिकों को सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही देखने का अवसर प्रदान करेगा।
आठ लाख से अधिक दर्शकों ने देखा
अदालत ने आगे कहा कि यह एक विनम्र शुरुआत है और अब सभी महत्वपूर्ण मामलों में कार्यवाही को लाइव-स्ट्रीम करने का प्रयास किया जाएगा जब तक कि कार्यवाही की लाइव-स्ट्रीमिंग सामान्य क्रम नहीं बन जाता। भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायालय संख्या 1, 2 और 3 में तीन संविधान पीठें आज एक साथ बैठी थीं और इन तीन न्यायालयों में कार्यवाही यूट्यूब और अन्य टीवी चैनलों के माध्यम से लाइव स्ट्रीम की जा रही थी। आंकड़े बताते हैं कि आठ लाख से अधिक दर्शकों ने देखा।
देश के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को संविधान पीठ की कार्यवाही का सीधा प्रसारण शुरू किया। इसकी शुरुआत आज उद्धव - शिंदे केस से हुई। उद्धव गुट की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने दलीलें रखीं।
लाइव स्ट्रीम करने का निर्णय 20 सितंबर, 2022 को लिया गया था
संविधान पीठों की कार्यवाही को लाइव स्ट्रीम करने का निर्णय अदालत द्वारा 20 सितंबर, 2022 को लिया गया था और इसके तुरंत बाद रजिस्ट्री द्वारा ट्रायल रन किया गया था। बयान में कहा गया है कि तकनीकी सहायता टीमों ने सुनिश्चित किया कि लाइव स्ट्रीमिंग बिना किसी रुकावट या कठिनाई के हो और पूरी तरह से निर्बाध हो।
पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने 27 सितंबर से सभी संविधान पीठ की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग करने का फैसला किया। आज, तीन संविधान पीठों ने प्रवेश और नौकरियों में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए 10 प्रतिशत कोटा देने के केंद्र के फैसले, महाराष्ट्र राजनीतिक संकट और दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं के नियंत्रण को चुनौती देने वाली याचिकाओं से संबंधित मामलों की सुनवाई की। भारत के मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की पीठ ने ईडब्ल्यूएस कोटा मामले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। यह मामला 103वें संविधान संशोधन को चुनौती देता है।
26 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने एक वेबकास्ट पोर्टल के माध्यम से तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) एन वी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया। हालांकि, यह एक औपचारिक कार्यवाही थी क्योंकि उस दिन न्यायमूर्ति रमना को पद छोड़ना था।