शारदा शक्ति पीठ की यात्रा के लिए 30 सितंबर को दंपती वैध वीजा पर पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद पहुंचा। शारदा पीठ तक पहुंचाने के लिए यहां के दो स्थानीय निवासियों ने इनकी मदद की। पीओके जाने के लिए एनओसी जरुरी था।
दंपती ने अपनी यात्रा के दस्तावेजों के साथ मुजफ्फराबाद में पाक सरकार को जानकारी दी कि वे लोग हांगकांग निवासी हैं और वहीं से आए हैं। बड़ी मुश्किल से दस्तावेजों की जांच के बाद आखिरकार दंपती को एनओसी जारी हुई। इसके बाद उन्हें पाकिस्तान के कब्जे वाले किशनगंगा नदी के पास तट पर जाने की अनुमति दी गई, जहां चार अक्तूबर को वे लोग पूजा कर पाए।
शारदा शक्ति पीठ मंदिर पूरी तरह खंडहर हालत में है। नियंत्रण रेखा पर बढ़ते तनाव के बीच उसी रात शारदा क्षेत्र में भारी गोलाबारी भी हुई। वहां से सुरक्षित निकालने में दो स्थानीय लोगों ने उनकी मदद की। रविंद्र पंडित और अन्य लोगों ने कहा कि करतारपुर की तरह ही शारदा पीठ को फिर से खोले जाने की मांग की जाएगी।