मुंबई में श्री महाशक्ति चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से पहली बार किन्नर दिवस मनाया गया। किन्नर दिवस का आयोजन श्री महाशक्ति चैरिटेबल ट्रस्ट ने किया। यह संस्था किन्नर विद्यालय भी चलाती है, जो देश में किन्नरों के लिए खोला गया एकमात्र और पहला विद्यालय है। इस दौरान किन्नरों के लिए विशेष स्कूल के अलावा अस्पताल खोलने की मांग की गई।
मुंबई पश्चिमी उपनगर अंधेरी में आयोजित किन्नर दिवस समारोह में ट्रस्ट की संस्थापक रेखा त्रिपाठी ने कहा कि सरकारों को चाहिए कि वे किन्नरों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उनके हितों की रक्षा करें। ताकि वे भी अपनी जिन्दगी एक आम इंसान की तरह बिता सकें। फिर उन्हें दूसरों के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
किन्नरों के लिए विशेष स्कूल के अलावा अस्पताल की आवश्यकता पर जोर देते हुए रेखा ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में किन्नरों का इलाज करने से डॉक्टर और नर्स कतराते हैं। किन्नरों के साथ हो रहे इस तरह का दुर्व्यवहार बंद किया जाना चाहिए।
रेखा ने कहा कि दो साल पहले पालघर जिले के वसई में किन्नरों के लिए विद्यालय खोला। उन्होंने दावा किया कि पूरे देश में किन्नरों के लिए खोला गया उनका विद्यालय एकमात्र और पहला है। केवल महाराष्ट्र ही नहीं अन्य प्रांतों में भी किन्नर विद्यालयों की आवश्यकता है।
मुंबई के पश्चिमी उपनगर अंधेरी (पश्चिम) में आयोजित समारोह में आए सभी किन्नरों ने कार्यक्रम की शुरूआत में ‘वंदे मातरम्’ गीत गाए और जय हिंद का नारा लगाकर राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाज कल्याण मंत्री रामदास आठवले थे, पर वह किन्हीं कारणों से उपस्थित नहीं हो सके।
ट्रस्ट की संस्थापक रेखा त्रिपाठी, राजेश त्रिपाठी और राकेश दुबे, समाज सेविका रंजू झा की विशेष उपस्थिति में हुए किन्नर दिवस कार्यक्रम में किन्नरों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसमें मेंहदी अली, जोया, जन्नत, दलजीत, सरगम, अलीशा, जोरनिया, सुरैया, कायनात, जारा शेख, नायरा खान, रेहाना, आभा, सायरा, छुटकी, परशी, पुर्णिमा तिवारी और शहाबुद्दीन की विशेष भूमिका रही।