सेंट्रल जेल में सोमवार सुबह 100 से अधिक कैदियों ने रिहाई के लिए भूख हड़ताल कर दी। इन्हें उम्र कैद की सजा मिली है जबकि जेल में 14 साल से अधिक बिता चुके हैं। इस हड़ताल से कारागार मंत्री तक टेंशन में आ गए। उन्होंने जेल अधिकारियों से फोन पर बात की। इसके बाद कैदियों को मनाया गया। ज्यादातर मान गए लेकिन तीन-चार ने शाम को भी भोजन करने से मना कर दिया।
सेंट्रल जेल में ऐसे 350 कैदी हैं जिन्हें यहां 14 साल से ज्यादा हो चुके हैं। इनकी रिहाई के लिए जेल प्रशासन ने कई बार प्रयास किए लेकिन कभी शासन से फाइल लौटा दी गई तो कभी पुलिस की रिपोर्ट नेगेटिव रही। इसके चलते रिहाई नहीं हो पाई। इस बीच राजस्थान और मध्य प्रदेश में ऐसे कैदियों की रिहाई हुई है, जो चौदह साल से अधिक सजा काट चुके थे।
इसके अलावा 65 साल से अधिक उम्र के कैदी भी रिहा किए गए हैं लेकिन इन दोनों आधार पर आगरा सेंट्रल जेल से एक भी कैदी की रिहाई नहीं हो पाई। इसके विरोध में रविवार को तीन चार कैदियों ने भोजन करने से मना कर दिया। जेल सूत्रों ने बताया कि सोमवार सुबह इनके साथ कई और कैदी मिल गए