उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस केएम जोसेफ की सुप्रीम कोर्ट में जज के तौर पर नियुक्ति पर पुनर्विचार के लिए जल्द सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम की बैठक बुलाई जा सकती है। केंद्र सरकार ने जस्टिस जोसेफ के नाम की सिफारिश को शुक्रवार को कोलेजियम को वापस लौटा दिया था। सरकार के इस कदम का विपक्षी दलों समेत कई वकीलों ने विरोध किया था।
सुप्रीम कोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि कोलेजियम की बैठक होना स्वाभिक है और इसे जल्द बुलाया जाएगा। हालांकि बैठक के लिए कोलेजियम में शामिल सभी पांच जजों की मौजूदगी आवश्यक है, लेकिन जस्टिस मदन बी लोकुर स्वास्थ्य कारणों से 26 और 27 अप्रैल को छुट्टी पर थे। जैसी ही कोरम पूरा होगा, कोलेजियम की तत्काल बैठक बुलाई जाएगी।
जस्टिस जोसेफ ने 2016 में उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के केंद्र सरकारके आदेश को रद्द कर दिया था। सरकार के उनके नाम को मंजूरी नहीं दिए जाने के पीछे इसे बड़ी वजह माना जा रहा है। सरकार ने इससे इनकार किया है। जस्टिस जोसेफ जून में 60 साल के हो जाएंगे। वह 31 जुलाई 2014 से उत्तराखंड हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के तौर पर तैनात है।