आजकल असम के नौगांव जिले में स्थित पुरानीगोदाम मीनार के काफी चर्चे हैं। इसकी वजह है 1824 में बनी पुरानीगोदाम मस्जिद के अंदर स्थित एक मीनार। जिसे कुछ साल पहले राजमार्ग चौड़ीकरण प्रक्रिया के तहत गिराया जाना था। मगर क्षेत्र के मुस्लिमों सहित हिंदू भी इसे बचाने के लिए आगे आए।
एनएचएआई ने जब हाथ खड़े कर दिए तो क्षेत्र के नागरिक चुप नहीं बैठे। उन्होंने मीनार के संरक्षण के लिए चंदा इकट्ठा किया। उनके इस अभियान की भनक हरियाणा के एक इंजीनियरिंग कंपनी को लगी। समस्या का समाधान निकालने वाले इंजीनियर गुरदीप चौहान ने कहा, 'हमने नागरिकों के सामने लिफ्टिंग और शिफ्टिंग तकनीक का प्रस्ताव रखा। इस तकनीक में हम इमारत को प्लेट रोलर्स की मदद से उसकी नींव से उठाकर दूसरी जगह ले जाते हैं। मीनार का आधार 42 मीटर व्यास का है। उसके ऊपर खूबसूरत सजावट की गई है। जिसे इतने सालों में भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा।'
छह मजदूरों की मदद से मीनार को 70 फीट दूर ले जाया जा रहा है। चौहान ने बताया, 'शुरुआत में हमने पांच लाख रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया था। मगर अब यह बढ़कर आठ लाख रुपये हो गया है। हमारी कंपनी ने भी थोड़ा योगदान किया है। अभी तक 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। आने वाले 20 दिनों में हम पूरा काम कर लेंगे।'