बीफ खाने और गोहत्या पर विवाद के बीच संघ के मुखपत्र पांचजन्य के पूर्व संपादक तरुण विजय ने कहा है कि उत्तर भारतीयों के खाने-पीने की आदतों को पूरे देश पर नहीं थोपा जा सकता। पांचजन्य में लिखे एक लेख में उन्होंने गौरक्षक दलों से कहा कि वह स्वामी विवेकानंद और वीडी सावरकर को पढ़ें। जिनसे पता चलेगा कि उत्तर भारत में रहने वालों की आदतों को पूरे देश में लागू नहीं किया जा सकता है।
तरुण विजय ने लोक चर्चा में विकास के मुद्दे को सबसे आगे रखने की वकालत की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिजली, रेलवे, हाइवे निर्माण और नारी सशक्तीकरण पर काम कर रहे हैं, जबकि हम अपनी पसंद और नापसंद के मुताबिक देश को चलाने की कोशिश कर रहे हैं।
गौरक्षकों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में गाय के प्रति सच्चा समर्पण यही होगा कि जानवरों की कद्र करें न कि कानून को अपने हाथों में लेकर पराजित विपक्ष को दोबारा खड़े होने का मौका दें। उन्होंने कहा कि केवल एक बड़े समुदाय और उत्तर भारत को पूरे देश के तौर पर नहीं देखा जा सकता।