डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक साइमा वाजेद ने उन चिंताजनक आंकड़ों का जिक्र किया, जिनमें कहा गया है कि वैश्विक आबादी का करीब 60 फीसदी हिस्सा काम में लगा हुआ है, जिससे कार्यस्थल पर स्वास्थ्य और सुरक्षा एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक चिंता का विषय बन गई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक साइमा वाजेद ने विश्व कार्यस्थल सुरक्षा और स्वास्थ्य दिवस' के मौके पर व्यावसायिक दु्र्घटनाओं और बीमारियों को रोकने के महत्व पर जोर दिया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
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वाजेद ने सभी श्रमिकों के मौलिक अधिकार को एक सुरक्षित और स्वस्थ माहौल में बढ़ावा देने में इस दिन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उन चिंताजनक आंकड़ों का हवाला दिया, जिनमें कहा गया है कि वैश्विक आबादी का करीब 60 फीसदी हिस्सा काम में लगा हुआ है, जिससे कार्यस्थल पर स्वास्थ्य और सुरक्षा एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक चिंता का विषय बन गई है।
वाजेद ने बताया कि कार्यस्थल पर बीमारियों और चोटों के कारण 2016 में वैश्विक स्तर पर 1.88 मिलियन मौतें हुईं। दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र को काम से संबंधित मृ्त्यु दर के असमान उच्च बोझ का सामना करना पड़ा।
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डब्ल्यूएचओ की क्षेत्रीय निदेशक ने क्षेत्र में उन असंगठित श्रमिकों के सामने आने चुनौतियों का भी जिक्र किया, जिनके पास पर्याप्त कार्यस्थल सुरक्षा की कमी है और आर्थिक रूप से कमजोर हैं। वाजेद ने यह भी बताया कि कैसे चरम मौसम की घटनाओं सहित जलवायु परिवर्तन के खतरे श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करते हैं और उनके काम के उत्पादन को सीमित करते हैं।
इसके अलावा, उन्होंने कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को संबोधित करने के महत्व पर जोर दिया। वाजेद ने यह भी कहा कि प्रभावी संगठनात्मक नीतियों, स्वास्थ्य समस्याओं का शीघ्र पता लगाने, सुरक्षा जाल सुनिश्चित करने और श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ाने की आवश्यकता है।