वहीं बैंकों ने उनके फंसे कर्ज की वसूली के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंकों ने पुराने फंसे कर्ज में से 36,551 करोड़ रुपये की वसूली की है। पिछले साल की इसी तिमाही में की गई वसूली के मुकाबले यह राशि करीब 49 प्रतिशत अधिक है। पिछले वित्त वर्ष 2017- 18 में बैंकों ने कुल 74,562 करोड़ रुपये की वसूली की थई।
मंत्रालय के एक अन्य ट्वीट के मुताबिक, जेटली ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में विभिन्न वाणिज्यिक गतिविधियों के औपचारिक तंत्र के तहत आने और बड़े पैमाने पर वित्तीय समावेश होने से देश में खरीद क्षमता बढ़ी है। इससे भारत की वृद्धि गति तेज होगी।
बता दें कि जेटली वित्त मंत्री के साथ कारर्पोरेट कार्य मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता (आईबीसी), माल एवं सेवाकर (जीएसटी), नोटबंदी और डिजिटल भुगतान जैसे कदमों के जरिए अर्थव्यवस्था को औपचारिक तंत्र में लाने से वित्तीय क्षमता और जोखिम का बेहतर आकलन करने में मदद मिली है।