विदेश मंत्री एस जयशंकर आसियान और बिम्सटेक समूहों की बैठक के लिए बुधवार को इंडोनेशिया और थाईलैंड के लिए रवाना होंगे। बता दें, विदेश मंत्री पहले इंडोनेशिया पहुंचेंगे फिर थाईलैंड जाएंगे। जयशंकर ने मंगलवार को मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शहीद से मुलाकात की। जयशंकर के अलावा विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन दो दिवसीय यात्रा के लिए सीरिया जाएंगे।
इंडोनेशिया के बाद थाईलैंड की यात्रा
इंडोनेशिया के जकार्ता में जयशंकर दो दिनी आसियान-भारत, पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन और आसियान क्षेत्रीय देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि वह अन्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। रविवार को मेकांग गंगा सहयोग (एमजीसी) की 12वीं विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए बैंकॉक जाएंगे। एमजीसी भारत, कंबोडिया, लाओ पीडीआर, म्यांमार, थाईलैंड और वियतनाम की एक पहल है। एमजीसी गंगा और मेकांग नदी की घाटियों को साझा करने वाले छह सदस्यीय देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों को दर्शाता है। 17 जुलाई को बैंकॉक में जयशंकर बिम्सटेक विदेश मंत्रियों के रिट्रीट में भी शामिल होंगे। बिम्सटेक एक आर्थिक और तकनीकी पहल है। बिम्सटेक बहुआयामी सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी वाले देशों को एक साथ लाती है। रिट्रीट में एजेंडे को और अधिक गहरा करने और संगठन को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा होगी।
सीरिया की यात्रा पर जाएंगे वी मुरलीधरन
विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन की दो दिवसीय सीरिया यात्रा पर जाएंगे। सीरिया यात्रा बुधवार से शुरु होगी। उम्मीद है कि व्यापक चर्चा के लिए दमिश्क में सीरिया का शीर्ष नेतृत्व मुरलीधरन से मिल सकते हैं। इस दौरान मुरलीधरन सीरियाई छात्रों के एक समूह से भी बात करेंगे। उम्मीद है कि मुरलीधरन सीरियाई ऑर्थोडॉक्स चर्च के पदाधिकारियों से भी मिल सकते हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और सीरिया के बीच गहरे और मधुर संबंध रहे हैं। संघर्ष के दौरान भी सीरिया में भारत ने अपना दूतावास स्थापित किया हुआ है। सीरियाई छात्र, व्यवसायी और मरीज भारत की यात्रा करते हैं। मुरलीधरन की यात्रा से दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध बनने की उम्मीद है।
मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला से मिले जयशंकर
मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने भारत को खास पड़ोसी बताते हुए कहा कि मालदीव हिंद महासागर का दिल है। इस क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और स्थिरता में अपनी और भारत की अहम भूमिका को समझता है। उन्होंने छोटे द्वीपीय देशों की मुश्किलों पर चर्चा करते हुए कहा, अक्सर हमारे जैसे देशों की क्षमताओं पर सवाल खड़े किए जाते हैं और बड़ी भूमिकाओं से हमें दरकिनार किया जाता है। इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स (आईसीडब्ल्यूए) में 43वें सप्रू हाउस व्याख्यान के दौरान उन्होंने कहा कि मालदीव रणनीतिक रूप से बेहद अहम जगह पर मौजूद है। दोनों देशों ने सामुदायिक विकास से जुड़ी 9 परियोजनाओं पर हस्ताक्षर किए। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद के साथ आज एक गर्मजोशी भरी और सार्थक बैठक हुई। हमारी विकास साझेदारी में निरंतर प्रगति के बारे में जानकर उत्साहित हूं।