पूर्वोत्तर राज्यों में शुक्रवार को बाढ़ के बीच भूकंप ने लोगों को परेशान किया। मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में कुछ ही मिनटों में रिक्टर पैमाने पर 5.6, 3.8 और 4.9 की तीव्रता वाले तीन भूकंप से लोग दहल उठे। पहला झटका दिन में 2:52 मिनट पर महसूस किया गया।
भूकंप के झटके अरुणाचल के अलावा असम और नगालैंड में भी महसूस किए गए। अधिकारियों ने बताया कि इससे किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। भूकंप का केंद्र अरुणाचल के कामेंग जिले में जमीन के 10 किमी नीचे था।
बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहे असम के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने सांसदों को हरसंभव केंद्रीय मदद का भरोसा दिया। राज्य के 33 में से 28 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं।
असम भाजपा के 10 सांसदों ने प्रधानमंत्री को बाढ़ के हालात से अवगत कराया और वित्तीय मदद देने की गुहार लगाई। मंगलदोई के सांसद दिलीप सैकिया ने बैठक के बाद बताया कि प्रधानमंत्री ने दल की बात को धैर्यपूर्वक सुना और राज्य को सभी जरूरी केंद्रीय मदद देने का भरोसा दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें राज्य में हर साल बाढ़ से सड़कों, घरों और फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए विशेष पैकेज घोषित करने की मांग की। बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।
सैकिया ने कहा कि अभी बाढ़ से प्रभावित 1.11 लाख लोगों ने राहत शिविरों में शरण ले रखी है। राज्य में भयावह से 54 लाख लोग विस्थापित हो गए हैं और जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। एक सिंग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध काजीरंगा नेशनल पार्क और पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य लगातार बाढ़ में डूबा हुआ है।