कटिहार और पश्चिमी चंपारण भी बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत भरी बात यह है कि यहां बाढ़ के कारण किसी की जान नहीं गई है। बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत शिविर चलाए जा रहे हैं। भोजन की व्यवस्था के लिए 442 सामुदायिक रसोई चलाए जा रहे हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कुल 27 टीम, 876 मानव बल को लगाया गया है तथा 133 मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है।
केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिहार की कई नदियां बूढी गंडक, बागमती, अधवारा समूह, कमला बलान और खिरोही नदी विभिन्न स्थानों पर आज सुबह खतरे के निशान से उपर बह रही थी। भारत मौसम विभाग के अनुसार बिहार की सभी नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में बुधवार की सुबह तक हल्की से साधारण बारिश की संभावना जताई गई है।
असम में सभी प्रमुख नदियों में जल स्तर अब घटने लगा है । पिछले 24 घंटे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है । राज्य में बाढ़ की चपेट में आने से 86 लोगों की मौत हो चुकी है। गुवाहाटी से मिली खबर के मुताबिक, असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने कहा कि 13 जिलों के 864 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। धेमाजी, दरांग, बारपेटा, नलबाड़ी, चिरांग, गोलपाड़ा, कामरूप, कामरूप (एम), मोरीगांव, नगांव, गोलाघाट, जोरहाट और कछार जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। एएसडीएमए ने बताया कि कुल 417 राहत कैंप चलाए जा रहे हैं। इसमें 30925 लोगों ने शरण ले रखी है।