देशभर में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। केरल से लेकर गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान तक कई राज्यों में भारी से अत्यधिक बारिश का दौर जारी है। कई जगह नदियां और बांध उफान पर हैं, निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जबकि भूस्खलन और तेज हवाओं का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।
मध्य प्रदेश के किन 19 जिलों के लिए अति भारी बारिश का अलर्ट?
मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 19 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। सबसे अधिक असर बड़वानी और खंडवा में रहने की आशंका है, जहां अगले 24 घंटे में करीब आठ इंच तक बारिश हो सकती है। लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, खरगोन, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं इंदौर, देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर और पांढुर्णा सहित कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, सागर, रीवा और जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
क्या बिहार में फिर सक्रिय हुआ मानसून?
बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को मुजफ्फरपुर, सारण और वैशाली के कुछ हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले दो से तीन घंटों के दौरान इन जिलों में मध्यम बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
मौसम विभाग ने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया, बांका और जमुई समेत 24 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक, बारिश, वज्रपात और तेज़ हवाओं की संभावना है। लोगों को खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में क्यों धीमी पड़ी मानसून की रफ्तार?
उत्तर प्रदेश में दस्तक देने के बाद मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। केवल मध्य प्रदेश से सटे जिलों में बारिश होने के आसार हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही के बीच हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 30 जून को प्रदेश में मानसून ने प्रवेश किया था और 2 जुलाई तक इसका प्रभाव पूरे प्रदेश में दिखाई देने लगा था। हालांकि, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा तट के पास बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मानसूनी द्रोणी दक्षिण की ओर खिसक गई है। फिलहाल प्रदेश पर कोई अन्य सक्रिय मौसम तंत्र प्रभावी नहीं है।
गुजरात में मछुआरों को क्या दिया गया सलाह?
गुजरात में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार जूनागढ़ जिले में अत्यधिक बारिश हुई है, जिससे कई इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन गई। मौसम विभाग ने रविवार को भी राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। IMD के अनुसार दक्षिण गुजरात के सूरत, तापी, डांग, नवसारी, वलसाड, दमन, दादरा एवं नगर हवेली तथा सौराष्ट्र के भावनगर, अमरेली, गिर सोमनाथ और दीव में रविवार सुबह 8:30 बजे से भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को 8 जुलाई तक गुजरात के विभिन्न तटीय इलाकों में समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।