भारत के पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण पिछले नौ दिनों के अंदर करीब 29 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके चलते तीनों राज्यों में 10 से 12 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। असम में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यहां के 27 जिलों में हालात बेकाबू हैं। करीब सात लाख लोग बाढ़ से परेशान हैं।
इन दिनों भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ बांग्लादेश भी बाढ़ की चपेट में है। दोनों देशों में बाढ़ के चलते हालात काफी खराब हैं। भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ के चलते करीब 10 से 12 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, वहीं बांग्लादेश में भी करीब 10 लाख लोग इसकी चपेट में आ गए हैं।
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हालत ये है कि असम, मेघालय में होने वाली बारिश का असर बांग्लादेश में दिखने लगता है। आइए जानते हैं कि बारिश और बाढ़ से दोनों देशों का क्या कनेक्शन है? क्यों भारत में होने वाली बारिश से बांग्लादेश में बाढ़ आ जाती है? अभी दोनों देशों में कैसे हालात हैं? दोनों देशों की सरकारें बाढ़ के हालात पर काबू पाने के लिए कौन-कौन सा कदम उठा रही हैं?
पहले जान लीजिए दोनों देशों में क्या हालात हैं?
भारत के पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण पिछले नौ दिनों के अंदर करीब 29 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके चलते तीनों राज्यों में 10 से 12 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। असम में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यहां के 27 जिलों में हालात बेकाबू हैं। करीब सात लाख लोग बाढ़ से परेशान हैं। हालांकि, अब स्थिति सुधर रही है।
असम प्राकृतिक आपदा प्रबंधन के अनुसार शनिवार को चार और लोगों की मौत हो गई। इसके बाद यहां मरने वालों का आंकड़ा 18 हो गया है। इनमें 13 मौतें बाढ़ से जबकि 5 भूस्खलन के चलते हुई हैं। वहीं, मेघालय में बाढ़ से तीन और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से आठ लोगों की मौत हुई है।
त्रिपुरा में भी बारिश का असर देखने को मिला है। यहां कई जगह भूस्खलन के चलते सड़क मार्ग प्रभावित हो गया है। इसके चलते आवश्यक सुविधाएं प्रभावित हुईं हैं। पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर भी असर पड़ा है।
वहीं, भारत के पूर्वोत्तर राज्यों से सटे बांग्लादेशी राज्यों में भी बाढ़ के हालात भयावह होते जा रहे हैं। यहां अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 10 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। 20 साल के अंदर ये बाढ़ की ये सबसे खराब स्थिति है। सबसे ज्यादा सिलहट और सुनमगंज में इसका असर देखने को मिला है। दोनों जिलों में लगातार बारिश के चलते हालात और भयावह हो गए।
बांग्लादेश राहत बचाव केंद्र के प्रमुख आरिफुज्मान भुइयां कहते हैं कि आने वाले दिनों में हालात सुधरने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आने वाले दिनों में भारी बारिश बंद हो जाएगी। इससे बाढ़ की स्थिति सही हो सकेगी।
भारत में बारिश तो बांग्लादेश में बाढ़ क्यों?
बांग्लादेश में बाढ़
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल भारत और बांग्लादेश 4096 किलोमीटर बॉर्डर शेयर करते हैं। इसमें 256 किलोमीटर का बॉर्डर असम, 856 किलोमीटर त्रिपुरा, 318 किलोमीटर मिजोरम, 443 किलोमीटर मेघालय और 2,217 किलोमीटर का बॉर्डर पश्चिम बंगाल के साथ बांग्लादेश शेयर करता है।
पिछले दिनों असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम में जमकर बारिश हुई थी। बारिश के पानी से इन राज्यों में बाढ़ के हालात हो गए। ये पानी बहकर भारत से सटे बांग्लादेश के निचले हिस्से जिसमें सिलहट, सुनमगंज समेत छह से ज्यादा जिलों में पहुंच गया। इन जिलों में भी तेज बारिश हुई और अब बाढ़ आ गई है।
सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए?
भारत में बाढ़ प्रभावित असम के 27 जिलों के करीब दो लाख लोगों को अलग-अलग राहत कैंपों में पहुंचाया गया है। इसी तरह त्रिपुरा, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के भी एक लाख लोगों को राहत कैंपों में पहुंचाया गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को खाद्य पदार्थ, स्वच्छ पेयजल व दवाइयां दी जा रहीं हैं। इसी तरह बांग्लादेश में भी लगातार लोगों को मदद दी जा रही है।
भारत सरकार इन दिनों देश के सभी नदियों को एकसाथ जोड़ने का काम भी कर रही है। इसका मकसद ये है कि जिन राज्यों में ज्यादा बारिश होने से बाढ़ आती है, वहां की स्थिति सामान्य हो सके। वहीं, जिन राज्यों में बारिश कम होती हैं, वहां आम लोगों तक नदी के जरिए पानी पहुंच सके। इसमें पूर्वोत्तर से लेकर पश्चिम और दक्षिण से लेकर उत्तर भारत तक की नदियों को जोड़ने का काम किया जा रहा है।