चक्रवात तूफान रेमल के कारण असम में कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। चक्रवात के कारण आठ जिलों में बाढ़ आ गई है। इस वजह से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। वहीं, 40,000 से अधिक लोग प्रभावित हो गए। अधिकारी का कहना है कि करीमगंज जिले में एक व्यक्ति डूब गया, जिससे मंगलवार से मरने वालों की संख्या अब तक पांच हो गई है। वहीं, कछार जिले में दो लोग लापता हो गए हैं।
बाढ़ से यह जिले हैं प्रभावित
- नागांव
- हैलाकांडी
- कार्बी आंगलोंग
- करीमगंज
- कछार
- होजई
- गोलाघाट
- पश्चिम कार्बी आंगलोंग
कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दीमा हसाओ जिले के 11 गांवों, कछार जिले के तीन और हैलाकांडी जिले के एक गांव में भूस्खलन हो गया है। कछार जिले के सिलचर और उधारबोंड से भी भारी कटाव की जानकारी है। करीमगंज, कछार और हैलाकांडी में बराक नदी और उसकी सहायक नदियाँ लोंगई, कुशियारा, सिंगला और कटाखल कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
करीमगंज में तीन तो कछार में दो राहत शिविर
संवेदनशील इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। करीमगंज में तीन राहत शिविर बनाए गए। कछार जिले में दो शिविर बनाए गए हैं। पहाड़ी दीमा हसाओ जिले में बारिश के कारण जनजीवन ठप्प हो गया है। हाफलोंग-सिलचर मार्ग बाधित हो गया है। हरंगाजाओ क्षेत्र में कई वाहन फंसे हुए हैं। स्थानीय लोगों ने यात्रियों को भोजन और आश्रय प्रदान किया। माहुर और लाइसोंग के बीच की सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है।
जिला कमिश्नरों को मुख्य सचिव देने का निर्देश
मुख्य सचिव रवि कोटा ने जिला आयुक्तों को प्रभावित लोगों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने बताया कि असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। साथ ही सभी विभागों और एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा है।