प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) आज और कल अपने गृह राज्य गुजरात (Gujarat) और दक्षिणी राज्य तमिलनाडु (Tamil nadu) का दौरा करेंगे। इस दौरान कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। पीएम मोदी की 28 जुलाई से शुरू हो रही दो दिवसीय यात्रा से पहले चेन्नई में पांच स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है।
पीएम मोदी साबर डेयरी में पाउडर प्लांट का उद्घाटन करेंगे
पीएमओ से जारी बयान के अनुसार, इन परियोजनाओं से स्थानीय किसानों और दुग्ध उत्पादकों का सशक्तीकरण होगा और उनकी आय बढ़ेगी। साथ ही इससे क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। प्रधानमंत्री साबर डेयरी में लगभग 120 मिलियन टन प्रति दिन (एमटीपीडी) की क्षमता वाले पाउडर प्लांट का उद्घाटन करेंगे। इस पूरी परियोजना की कुल लागत 300 करोड़ रुपये से अधिक है।
पीएमओ के मुताबिक लगभग शून्य उत्सर्जन वाले इस संयंत्र में ऊर्जा की काफी कम खपत होती है। यह संयंत्र नवीनतम और पूरी तरह से स्वचालित बल्क पैकिंग लाइन से सुसज्जित है। प्रधानमंत्री साबर डेयरी में एसेप्टिक मिल्क पैकेजिंग प्लांट का भी उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा वह साबर चीज एंड व्हे ड्रायिंग प्लांट परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे।
साबर डेयरी गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) का एक हिस्सा है, जो अमूल ब्रांड के तहत दूध और दूध उत्पादों की एक पूरी श्रृंखला का उत्पादन और उसका विपणन करती है।
इसके बाद प्रधानमंत्री चेन्नई जाएंगे और वहां के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में 44वें शतरंज ओलंपियाड की शुरुआत करेंगे। पीएमओ ने कहा कि अगले दिन 29 जुलाई को प्रधानमंत्री सुबह 10 बजे अन्ना विश्वविद्यालय के 42वें दीक्षांत समारोह में भाग लेंगे। अन्ना विश्वविद्यालय के 42वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री 69 स्वर्ण पदक विजेताओं को स्वर्ण पदक और प्रमाणपत्र प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री इस मौके पर एक सभा को भी संबोधित करेंगे।
अन्ना विश्वविद्यालय की स्थापना 4 सितंबर, 1978 को हुई थी। इसका नाम तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुरई के नाम पर रखा गया है। इसमें 13 मान्यताप्राप्त कॉलेज, पूरे तमिलनाडु में फैले हुए 494 संबद्ध कॉलेज और तीन क्षेत्रीय परिसर- तिरुनेलवेली, मदुरै और कोयंबटूर शामिल हैं।
29 जुलाई को तमिलनाडु से फिर गुजरात लौटेंगे
इसके बाद वह फिर 29 जुलाई को गुजरात लौटेंगे और गांधीनगर के गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) में देश के पहले अंतरराष्ट्रीय बुलियन एक्सचेंज की शुरुआत करेंगे। वह इस दौरान अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण के मुख्यालय भवन की आधारशिला भी रखेंगे।