राज्यसभा में तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) के चार सदस्यों के अपनी पार्टी से अलग होने के साथ ही उच्च सदन में पार्टी टूटने की कगार पर पहुंच गई है। राज्यसभा में छह सदस्यों वाली टीडीपी के चार सदस्य अलग गुट बनाकर भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। चार सदस्यों का समर्थन मिलने से उच्च सदन में बहुमत के संकट से जूझ रही भाजपा को राहत मिली है। भाजपा की अगुवाई वाले राजग के पास राज्यसभा में फिलहाल बहुमत नहीं है।
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता वाली टीडीपी के राज्यसभा में छह सदस्य हैं और दलबदल विरोधी कानून के मुतबिक किसी दल से अलग हुए नए गुट को तभी मान्यता मिलेगी जबकि उसके दो तिहाई सदस्य इस गुट में शामिल हों। राज्यसभा की कुल सदस्य संख्या 245 है। उच्च सदन में सर्वाधिक 71 सदस्यों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है।
इस साल हुए लोकसभा चुनाव और राज्य में हुए विधानसभा चुनावों में टीडीपी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। लोकसभा चुनाव में टीडीपी राज्य की 25 सीटों में से केवल तीन सीटें जीत सकी थी। वहीं, विधानसभा चुनाव में राज्य की 175 सीटों में से महज 23 सीटें टीडीपी के खाते में आई थीं। इसके उलट वाईएसआर कांग्रेस ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लोकसभा चुनाव में 22 और विधानसभा चुनाव में 151 सीटों पर कब्जा जमाया था।