अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास के अंदर योग करते लोग
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समस्याओं का खोजा निदान
योग और नमाज विषय पर शोध कर रहे गुलाम असकर जैदी ने बताया कि एक इस्लामिक देश होने के कारण यहां के मुस्लिम समाज में भी योग के प्रति अनेक पूर्वाग्रह हैं। लेकिन चूंकि वे स्वयं इस्लामिक स्टडीज में उच्च शिक्षा प्राप्त हैं, वे लोगों को यह समझाने में सफल रहे हैं कि मानव शरीर एक है, इसके काम करने का एक विज्ञान होता है। इसमें आई परेशानियों का इलाज एलोपैथी से किया जाए या होम्योपैथी से, इससे उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। योग भी अनेक विधाओं में से एक है जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करती है। जैदी के मुताबिक उन्होंने ओम और योग मन्त्रों के उच्चारण के समान ध्वनि वाले कुरआन के शब्दों/आयतों से उनका समन्वय स्थापित कर लोगों को सिखाया। अजान की ध्वनि और नमाज की मुद्रा को योग से जोड़कर लोगों को दिखाया। इसका बड़ा व्यापक असर हुआ और अब लोग योग को ह्रदय से स्वीकार करने लगे हैं।
अनेक भारतीय पुलिस सेवा के महकमे और भारतीय सेना के राजपूत रेजिमेंट के जवानों को योग सिखा चुके गुलाम अस्कर जैदी के मुताबिक योग के प्रवर्तक महर्षि पतंजलि ने कहा है कि जहां ध्यान लगे, वहीं लगाइए. एक शुरुआत कीजिए। धीरे-धीरे यह ईश्वर से सानिध्य स्थापित करने लगता है। उन्होंने इसी सूत्र वाक्य को अपनाया और इसका सकारात्मक परिणाम भी उन्हें मिला है।
अफगानी छात्रों को भारत से उम्मीद
योग धीरे-धीरे अफगानी छात्रों के प्रिय विषय के रूप में स्थापित होता जा रहा है। प्राथमिक रूप से वे इसका प्रशिक्षण भी ले चुके हैं। आज अफगानिस्तान में सैकड़ों की संख्या में ऐसे छात्र हैं जो योग का विशेष कोर्स करना चाहते हैं, योग पर डिग्री लेना चाहते हैं और इस पर शोध करना चाहते हैं। लेकिन आर्थिक तंगी के चलते इन छात्रों के मंसूबे कामयाब नहीं हो रहे हैं। अगर सरकार या किसी संस्था के द्वारा इन्हें आर्थिक सुविधा मुहैया कराई जा सके तो ये छात्र भारतीय योग के भविष्य के राजदूत बन सकते हैं।
इन्होने लिया कार्यक्रम में हिस्सा
मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर के निवासी गुलाम असकर जैदी ने बताया कि मजार ए शरीफ में गुरुवार को ही अंतर्राष्ट्रीय दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम को संपन्न कराने में काउंसलेट जनरल ऑफ इंडिया शिवजी तिवारी ने विशेष योगदान दिया। उन्होंने इस अवसर पर एक योग टी-शर्ट भी जारी की। उनके अलावा इस कार्यक्रम में बलख प्रोविंसियल काउंसिल के चेयरमैन डॉक्टर अफजल हदीद, डिप्टी गवर्नर शुजाउद्दीन शुजा, सूचना एवं संस्कृति निदेशक सालेह मुहम्मद खलीक और मिनिस्ट्री ऑफ फोरेन अफेयर्स के डिप्टी डायरेक्टर नूरुल हक और पॉलीक्लिनिक बल्क अस्पताल के हेड डॉक्टर अतिकुलाह अहदी ने भाग लिया। कार्यक्रम में दिव्यांग जनों के लिए अलग से विशेष योग कार्यक्रम कराए गए।