प्रधानमंत्री मोदी के दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार में जहां 19 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई वहीं पांच चेहरे ऐसे भी रहे जिनकी मंत्रिमंडल से छुट्टी कर दी गई। इनमें से कुछ नाम तो ऐसे हैं जिन्हें उनकी खराब परफारमेंस का खामियाजा भुगतना पड़ा, कुछ को संगठन में जाने के लिए अपने मंत्री पद को कुर्बान करना पड़ा। वहीं कुछ नाम ऐसे भी रहे जिन्हें इस बार बहुत नजदीकी अंतर से जीवनदान मिल गया।
प्रधानमंत्री मोदी का यह मंत्रिमंडल विस्तार लंबे समय से टलता आ रहा था। इसकी बड़ी वजह यही मानी जा रही थी कि प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष इस विस्तार में तमाम समीकरणों और संतुलनों को साधने की कवायद में थे। क्योंकि अगले साल कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं ऐसे में उससे पहले राज्यों और जातियों को केंद्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व देने का भाजपा और केंद्र सरकार के पास यह अंतिम मौका था इसलिए विस्तार लंबे समय तक टलता रहा।
असल में केंद्र में एनडीए सरकार के दो साल पूरे होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी के सामने सवालों का सिलसिला शुरू हो चुका है। इस वजह से प्रधानमंत्री मोदी अपने मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा भी करना चाहते थे, जिससे काम न करने वाले चेहरों को बाहर किया जा सके और योग्य चेहरों को तरक्की दी जा सके। समीक्षा हुई तो कई मंत्रियों के कामकाज पर उंगली उठने लगी तो कुछ के बड़बोलेपन को लेकर भी चर्चा हुई, वहीं कुछ की बढ़ती उम्र का भी हवाला दिया गया।