न्यायमूर्ति बीआर गवई की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की एक टीम ने शनिवार को जातीय संघर्ष प्रभावित मणिपुर के चुराचांदपुर जिले का दौरा किया और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने जिले के लामका स्थित मिनी सचिवालय से एक विधिक सेवा शिविर, एक चिकित्सा शिविर और एक विधिक सहायता क्लिनिक का भी वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया।
न्यायमूर्ति बीआर गवई शनिवार को मणिपुर का दौरा करने वाले सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उन्होंने जातीय संघर्ष से ग्रस्त राज्य के लोगों से शांति और सद्भाव बहाल करने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
अधिकारियों ने बताया कि गवई ने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश विक्रम नाथ, एम.एम. सुंदरेश और के.वी. विश्वनाथन के साथ चुराचांदपुर जिले में एक राहत शिविर का दौरा किया और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि उन्होंने जिले के लामका स्थित मिनी सचिवालय से एक कानूनी सेवा शिविर, एक चिकित्सा शिविर और एक कानूनी सहायता क्लिनिक का भी वर्चुअल उद्घाटन किया।
मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी कृष्णकुमार और न्यायमूर्ति गोलमेई गैफुलशिलू भी उपस्थित थे। सभा को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति गवई ने कहा, "भारत का संविधान देश के सभी नागरिकों को समान अधिकारों की गारंटी देता है।