आम आदमी पार्टी ने शनिवार को दिल्ली की सात में से छह लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। हालांकि इनमें अधिकांश वही चेहरे हैं, जिन्हें पार्टी ने पिछले साल ही लोकसभा क्षेत्रों में पार्टी प्रभारी बनाकर भेज दिया था। बड़ा सवाल यह सामने आ रहा है कि 2014 के चुनाव में पार्टी ने जिन उम्मीदवारों पर दाव लगाया था, वे इस बार की सूची में कहीं नहीं दिखाई दिए। महात्मा गांधी के पौत्र सहित वे पांच उम्मीदवार, जिन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा, इस बार गायब हैं। पार्टी ने उन पांच सीटों पर नए प्रत्याशी उतारे हैं।
आप द्वारा जारी लोकसभा प्रत्याशियों की सूची में से केवल पश्चिम दिल्ली सीट बची है, जिसके उम्मीदवार की घोषणा बाद में की जाएगी। पिछली बार आप ने चांदनी चौक लोकसभा सीट से आशुतोष को टिकट दी थी। वे मीडिया की नौकरी छोड़कर आप में शामिल हुए थे। चुनावी नतीजे आए तो वे हार गए।उन्हें भाजपा के डॉ. हर्षवर्धन ने शिकस्त दी। पिछले साल कई बातों को लेकर आशुतोष और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के बीच तकरार हुई। मामला इतना बढ़ गया कि आशुतोष ने आप को अलविदा कह दिया। उत्तरी-पूर्वी दिल्ली से चुनाव लड़ने वाले प्रो. आनंद कुमार भी आज आम आदमी पार्टी के साथ नहीं हैं।
आप ने प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव के साथ प्रो. आनंद कुमार को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। भाजपा के मनोज तिवारी ने आनंद कुमार को हराया था। गत लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली से आप ने आशीष खेतान को टिकट दी थी। खेतान भी मीडिया जगत से आप में आए थे। उन्हें केजरीवाल का खास विश्वस्त माना जाता था।
चुनाव में भाजपा की मीनाक्षी लेखी ने उन्हें हरा दिया। दिल्ली में आप सरकार बनते ही खेतान को दिल्ली डायलॉग कमीशन का चेयरमैन बनाया गया था। बाद में उनकी भी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक से पटरी नहीं बैठी। पिछले साल खेतान भी यह कहते हुए पार्टी से किनारा कर गए कि वे अब वकालत करेंगे।
महात्मा गांधी के पौत्र ने भी 'आप' को अलविदा कह दिया
पूर्वी दिल्ली से आप ने महात्मा गांधी के पौत्र राजमोहन गांधी को उम्मीदवार बनाया था।पार्टी को भरोसा था कि गांधी के नाम पर वे चुनाव जीत जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वे भाजपा के महेश गिरी से हार गए। बाद में राजमोहन गांधी ने फिर कभी आम आदमी पार्टी की ओर मुड़ कर नहीं देखा। दक्षिण दिल्ली लोकसभा सीट से आप ने कर्नल देवेंद्र सहरावत को टिकट दी थी।
पहले वे भी खुद को केजरीवाल का भरोसेमंद कहते थे।पिछली बार जब उनके नाम का ऐलान हुआ तो पार्टी के कई बड़े नेताओं ने विरोध जताया था, मगर केजरीवाल ने किसी की नहीं सुनी। वे भाजपा के रमेश विदुड़ी से हार गए थे। बाद में उनका केजरीवाल से मतभेद बढ़ता चला गया।उन्हें पार्टी के बागी विधायक के तौर पर जाना जाने लगा। वे अभी पार्टी में ही हैं, लेकिन मुख्यधारा से दूर हैं।
पश्चिम दिल्ली सीट से आप ने जरनैल सिंह को टिकट दी थी, लेकिन वे भी भाजपा के प्रवेश वर्मा से चुनाव हार गए। वे अब दिल्ली सरकार की एक संस्था में उपाध्यक्ष हैं। उत्तर पूर्व दिल्ली सीट से आप ने राखी बिडलान को मौक़ा दिया, लेकिन वे भी भाजपा के उदित राज से चुनाव हार गई। राखी अभी आप की विधायक हैं।
शनिवार को आप ने इन उम्मीदवारों का नाम घोषित किया
चांदनी चौक लोकसभा सीट से पंकज गुप्ता
उत्तर पूर्वी दिल्ली से दिलीप पांडेय
पूर्वी दिल्ली से आतिशी मार्लेना
दक्षिणी दिल्ली से राघव चड्ढा
उत्तर पश्चिम दिल्ली से गुग्गन सिंह
नई दिल्ली से बृजेश गोयल