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पश्चिम बंगाल: भाजपा के पांच विधायकों ने नवगठित समिति से चूक पर व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ा

Sun, 26 Dec 2021 12:44 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, कोलकाता

सार

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने संवाददाताओं से कहा कि यदि कोई मतभेद है तो उसे समय आने पर बातचीत से सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा, "नई समिति बनने पर छोटी-छोटी चीजें होती हैं। हम इसे सुलझा लेंगे।"
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पश्चिम बंगाल भाजपा प्रमुख सुकांता मजूमदार - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल भाजपा की नवगठित समिति में शामिल नहीं होने से नाराज भगवा खेमे के पांच विधायकों ने शनिवार को संगठन के विधायकों के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप को छोड़ दिया। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी।

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संपर्क किए जाने पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने संवाददाताओं से कहा कि यदि कोई मतभेद है तो उसे समय आने पर बातचीत से सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा, "नई समिति बनने पर छोटी-छोटी चीजें होती हैं। हम इसे सुलझा लेंगे।"

पांच विधायकों- मुकुटमोनी अधिकारी (राणाघाट दक्षिण), सुब्रत ठाकुर (गैघता), अंबिका रॉय (कल्याणी), अशोक कीर्तनिया (बोनगांव उत्तर), और असीम सरकार (हरिंगहाटा) ने राज्य समिति से चूक पर नाराजगी व्यक्त की इसके बाद केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा सांसद शांतनु ठाकुर, जो मटुआ समुदाय के एक प्रमुख नेता भी हैं, ने दिन में दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की।
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ठाकुर नेकहा, "हां, वे (पांच विधायक) अनदेखी किए जाने से परेशान हैं..उन्होंने मुझे अपनी शिकायतें बताईं। मैंने नड्डाजी से मुलाकात की और उन्हें उनकी भावनाओं से अवगत कराया। हमने इस विषय पर चर्चा की।" हालांकि, उन्होंने इस मामले पर नड्डा की प्रतिक्रिया के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

पीड़ित विधायकों में से एक मुकुटमोनी अधिकारी ने पुष्टि की कि उन्होंने सोशल मीडिया समूह छोड़ दिया है, यह कहते हुए कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की आकांक्षाएं नवगठित समिति के तहत पूरी नहीं हो सकती हैं।  भगवा पार्टी के गायघाट विधायक और बनगांव उत्तर के विधायक ने भी कहा कि उन्होंने समूह छोड़ दिया है, लेकिन पूछने पर कोई कारण बताने से इनकार कर दिया।

मटुआ समुदाय राज्य की अनुसूचित जाति की आबादी का एक बड़ा हिस्सा है। नदिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों में कम से कम चार लोकसभा सीटों और 30-40 विधानसभा सीटों पर उनका काफी दबदबा है।

इससे पहले, भाजपा के पूर्व प्रदेश महासचिव सायंतन बसु राज्य समिति से निकाले जाने के बाद पार्टी के एक व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर हो गए थे। उन्होंने हाल ही में टीएमसी के पूर्व विधायक समीर चक्रवर्ती से उनके साल्ट लेक स्थित आवास पर मुलाकात की, जिससे उनके टीएमसी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही है।

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