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Fitness Without Gym: घर के छोटे-छोटे काम भी आपको बना सकते हैं फिट, स्वास्थ्य के साथ याददाश्त भी होगी बेहतर

Tue, 19 May 2026 06:02 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Health And Fitness: फिट रहने के लिए जिम जाना जरूरी नहीं है। सीढ़ियां चढ़ना और पैदल चलना जैसी रोजमर्रा की गतिविधियां भी शरीर को स्वस्थ रखती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार व्यायाम शुरू करने से ज्यादा मुश्किल उसे हर रोज जारी रखना है। नियमित कसरत से दिल की बीमारी और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा 30 से 40 प्रतिशत तक कम हो जाता है। आइए, विस्तार से समझते हैं...
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हफ्ते में सिर्फ 150 मिनट की कसरत है जरूरी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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फिलाडेल्फिया से स्वास्थ्य और फिटनेस को लेकर एक बहुत ही बड़ी और काम की खबर सामने आई है। फिट रहने के लिए अब आपको महंगे जिम जाकर घंटों पसीना बहाने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। दिनभर के छोटे-छोटे काम जैसे सीढ़ियां चढ़ना, तेज कदमों से चलना और घर के काम करना भी आपको पूरी तरह से स्वस्थ रख सकता है। यह खबर उन करोड़ों लोगों के लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आई है जिनके पास कसरत के लिए बिल्कुल भी समय नहीं होता है। रोजमर्रा की ये छोटी गतिविधियां शरीर को फिट रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाती हैं।
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विशेषज्ञों और डॉक्टरों की एक नई रिपोर्ट में फिटनेस को लेकर कई अहम बातें समझाई गई हैं। जापान टुडे में छपी एक विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक व्यायाम शुरू करना तो आसान है लेकिन असली चुनौती इसे लंबे समय तक अपनी आदत में बनाए रखना है। ड्रेक्सेल यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर लॉरा बेहर का कहना है कि सिर्फ यह जान लेना काफी नहीं है कि व्यायाम हमारे लिए फायदेमंद है। किसी भी इंसान की फिटनेस इस बात पर निर्भर करती है कि उसे खुद पर कितना ज्यादा भरोसा है। थकान और काम की भारी व्यस्तता के बावजूद अपनी कसरत की आदत को हर रोज जारी रखना ही सबसे जरूरी काम है।

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नियमित रूप से सक्रिय रहने से किन गंभीर बीमारियों का खतरा घटता है?
नियमित रूप से कोई भी शारीरिक काम करने से शरीर की कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों का खतरा बहुत तेजी से कम हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार कसरत या शारीरिक गतिविधि का सीधा असर शरीर के हर प्रमुख हिस्से पर पड़ता है। इससे दिल के काम करने की ताकत बढ़ती है और पूरे शरीर में खून का दौरा बहुत अच्छे और प्रभावी तरीके से होता है। इसके अलावा बढ़ती उम्र के साथ सोचने-समझने की शक्ति और याददाश्त कमजोर होने की समस्या भी कम हो जाती है। सबसे बड़ी बात यह है कि सक्रिय रहने से शरीर में शुगर (इंसुलिन रेजिस्टेंस) का खतरा भी काफी घट जाता है।

क्या लोग हर हफ्ते कसरत का न्यूनतम मानक भी पूरा कर पा रहे हैं?
अमेरिकी संस्था सीडीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार हर एक वयस्क इंसान को हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की हल्की एरोबिक गतिविधि जरूर करनी चाहिए। इसमें तेज चलना, जॉगिंग करना और तैरना जैसी आसान गतिविधियां शामिल हैं। इसके अलावा हफ्ते में कम से कम दो दिन मांसपेशियों को मजबूत करने वाली कसरत भी करनी चाहिए। लेकिन रिपोर्ट के आंकड़े बहुत ही ज्यादा चिंताजनक हैं। अमेरिका जैसे विकसित देश में आधे लोग भी हफ्ते का यह छोटा सा लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रहे हैं। सीडीसी के सभी मानकों पर चार में से केवल एक व्यक्ति ही पूरी तरह खरा उतर पा रहा है।
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रोजाना की आसान गतिविधियों से मौत का खतरा कितना कम हो जाता है?
एक बड़े वैज्ञानिक विश्लेषण से यह बात पूरी तरह साबित हुई है कि जो लोग रोज शारीरिक गतिविधि करते हैं उनमें समय से पहले मृत्यु का खतरा 30 से 40 प्रतिशत तक कम हो जाता है। ऐसे लोगों में दिल की बीमारी और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों से होने वाली मौतों में बहुत भारी कमी देखी गई है। विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में यह भी साफ किया है कि इंसान अपनी जिंदगी के किसी भी पड़ाव या उम्र में व्यायाम शुरू कर सकता है। उम्र के किसी भी हिस्से में कसरत शुरू करने से स्वास्थ्य को हमेशा बड़ा फायदा ही मिलता है।
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