अलगाव की जहरीली आंधी की चपेट में घिरा कश्मीर इससे बाहर नहीं निकल पा रहा है। ये इस बात से साबित हुआ, जब कश्मीर में एक आतंकी को आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के झंडे में लपेट कर अंतिम विदाई दी गई। सूत्रों के मुताबिक आतंकी सजाद गिलकर को बुधवार को अंतिम विदाई दी गई, जिसमें लोगों ने सैंकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया।
इस दौरान लोग एनकाउंटर में मारे गए हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी और जाकिर राशिद भट्ट की तस्वीरें लेकर पहुंचे। दरअसल, ऐसा देखा गया है कि अक्सर आतंकियों को श्रद्धाजंलि देते वक्त पाकिस्तानी झंडे में लपेटा जाता है, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब इसके लिए आईएस का झंडा इस्तेमाल किया गया है।
अब साफ हो गया है कि कश्मीर में युवाओं को भड़काने के लिए हर कोशिश की जा रही है। सजाद को सेना ने दो हिजबुल आतंकियों के साथ एनकाउंटर में खत्म कर दिया था। बताया जा रहा है कि सजाद वही आतंकी है, जिसने डीएसपी मोहम्मद अय्यूब पंडित की भीड़ के हाथों मौत में अहम रोल निभाया था।
सजाद का अंतिम संस्कार उसी जामिया मस्जिद के परिसर में किया गया, जहां डीएसपी पंडित भीड़ के हाथों शहीद हुए थे। डीएसपी को 22 जून को भीड़ ने अपना शिकार बनाया था और उसी के बाद से सजाद फरार था। बताया जाता है कि सजाद नोवहट्टा में सीआरपीएफ कैंप पर 2 अप्रैल, 2017 को हुए हमले में शामिल था। साथ ही वो कई बड़े हमलों में सेना के खिलाफ साजिश रच चुका है।