कोविड-19 प्रोटोकॉल के पालन के तहत केंद्र सरकार इस साल विशाल बजट दस्तावेज नहीं छपवाएगी। मुद्रित दस्तावेज की जगह सांसदों को इलेक्ट्रॉनिक ढंग से इसे उपलब्ध कराया जाएगा।
स्वतंत्र भारत में 26 नवंबर 1947 को पहले बजट के बाद यह पहला मौका होगा जब केंद्र सरकार के आय और व्यय के ब्योरा समेत वित्त बिल, नए करों की जानकारी और नए वित्त वर्ष के लिए घोषणाओं के दस्तावेज की छपाई नहीं होगी।
सूत्रों का कहना है कि कोरोना महामारी के चलते अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष 2021-22 के लिए केंद्रीय बजट से संबंधित दस्तावेज को नहीं छपवाने का फैसला लिया गया है। सभी सांसदों को बजट और आर्थिक सर्वेक्षण की सॉफ्ट प्रति उपलब्ध कराई जाएगी।
दस्तावेज की छपाई के लिए हर साल आवश्यक स्टाफ को वित्त मंत्रालय के बेसमेंट स्थित प्रिंटिंग प्रेस में बजट पेश किए जाने से पहले करीब दो हफ्ते के लिए बंद कर दिया जाता था। दस्तावेज की प्रिंटिंग का काम ‘हलवा’ वितरण समारोह से शुरू होता था। बेसमेंट प्रेस में बंद किया गया स्टाफ बजट पेश होने के बाद ही बाहर आता है।