दिल्ली, उत्तराखंड और महाराष्ट्र में भी बर्ड फ्लू की दस्तक के साथ ही अब तक 10 राज्य एवियन इंफ्लूएंजा की चपेट में आ चुके हैं। भोपाल की लैब से मिली रिपोर्ट में दिल्ली के आठ सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं, उत्तराखंड के देहरादून और कोटद्वार में मरे पक्षियों में फ्लू की पुष्टि हुई है जबकि महाराष्ट्र के परभणी, मुंबई, ठाणे, बीड और डपोल में पक्षियों की मौत की वजह बर्ड फ्लू ही है।
दिल्ली की संजय झील, मयूर विहार फेज-3 व द्वारका सेक्टर-9 में कौवों और बतखों की मौत की वजह बर्ड फ्लू बताया गया है। दिल्ली सरकार ने डिब्बाबंद चिकन पर भी रोक लगा दी है। दिल्ली में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद संजय झील में सोमवार सुबह बतखों को कलिंग (संक्रमण की आशंका से मार देना) किया गया है।
प्रोटोकॉल के हिसाब से इन्हें झील के एक किनारे दफनाया गया है और झील को सैनिटाइज किया जा रहा है। वहीं, बड़ी संख्या में पक्षियों को अलग से तैयार पिजरों में रखा गया है। मयूर विहार फेज-3 व द्वारका सेक्टर-9 के पार्क को सैनिटाइज करने के बाद बंद कर दिया गया है।
इससे पहले दिल्ली से करीब 128 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। सोमवार सुबह तक 8 सैंपल की रिपोर्ट आई है। इनमें एक सैंपल द्वारका सेक्टर-9, चार संजय झील से और तीन मयूर विहार फेज-3 के थे। पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि तीनों जगहों के सैंपल में बर्ड फ्लू मिला है।
एनडीएमसी ने गठित की रैपिड रिस्पांस टीम
बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद सोमवार सुबह एनडीएमसी प्रशासन ने रैपिड रिस्पांस टीम का गठन कर दिया है। टीम अपने इलाके में चिड़ियों की निगरानी करेगी। हर सप्ताह अपनी रिपोर्ट निगम में दाखिल करेंगे। एनडीएमसी का कहना है कि टीम का खास फोकस उन इलाकों में रहेगा, जहां पक्षियों की संख्या ज्यादा रहती है।
128 से अधिक सैंपल भेजे जा चुके हैं।
08 सैंपल की रिपोर्ट आई है।
03 पार्क को बंद कर दिया गया है।
मध्यप्रदेश के 18 जिलों में बर्ड फ्लू
मध्यप्रदेश में 52 जिलों में से 18 बर्ड फ्लू से प्रभावित हैं। इन जिलों में 26 दिसंबर से अब तक 1300 से अधिक कौवों की मौत हो चुकी है। एवियन इंफ्लूएंजा या बर्ड फ्लू को फैलने से रोकने की कोशिशों की तहत तक 600 पोल्ट्री पक्षियों को मारा जा चुका है। प्रदेश के पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. आरके रोकड़े ने बताया कि भोपाल में मरी गौरैया में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। प्रदेश में 10 कबूतरों और 10 बगुलों की मौत की खबर है। इंदौर, नीमच और आगर मालवा जिलों में मीट बिक्री के लिए पोल्ट्री दुकानों में रखे 600 से अधिक पक्षियों को मारा गया है।