साल का पहला सूर्यग्रहण खत्म हो चुका है। यह करीब पांच घंटे 15 मिनट तक रहा। इसका समय प्रातः 4:44 से 10:04 बजे तक रहा। हालांकि भारत में लोग पूर्ण सूर्य ग्रहण के अद्भुत नजारे को नहीं देख पाए। देश के कुछ हिस्सों में केवल आंशिक ग्रहण दिखाई पड़ा।
ग्रहण के कारण सूतक के चलते देशभर के मंदिरों को बंद कर दिया गया था और सूतक समाप्त होने के बाद ही मदिरों के कपाट खोले गए।
कोलकाता के एमपी बिड़ला तारामंडल के निदेशक डॉ. देबीप्रसाद दुआरी ने बताया कि पूर्ण सूर्य ग्रहण बहुत ही छोटे हिस्से में दिखाई पड़ा। हिंद महासागर से सुमात्रा, बोरनियो जैसे कुछ पूर्वी एशियाई देश और ऑस्ट्रेलिया के कुछ द्वीप से यह नजारा दिखाई दिया।
प्रशांत महासागर के मध्य तक इस खगोलीय घटना की झलक दिखी। हालांकि इस इलाके के पास कोई देश नहीं है। इस मामले में भारत के लोग उतने भाग्यशाली नहीं हैं। यहां पर कुछ हिस्से में आंशिक सूर्य ग्रहण देखा गया।